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एडसमेटा गोलीकांड के 10 साल: पूर्व वनमंत्री महेश बोले- SIT जांच रिपोर्ट आ गई, पर कार्रवाई नहीं कर सकी कांग्रेस

Thu, 18 May 2023 07:00 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर

सार

गागड़ा ने कहा कि इन आंदोलनकारियों से न तो कांग्रेस के लोग मिल रहे हैं, और न ही प्रशासन मिल रहा हैं। सिर्फ आदिवासियों को गुमराह कर उन्हें उलझा के रखा गया है। उनकी समस्याओं को सुनने का समय इनके पास नहीं हैं। गागड़ा ने सरकार से मांग की है कि आपने जो वादे किए थे, उसे पूरा करें। 
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महेश गागड़ा, पूर्व वनमंत्री छत्तीसगढ़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए एडसमेटा गोलीकांड के 10 साल पूरे हो चुके हैं। हालांकि अभी तक इस मुद्दे पर कुछ हो नहीं सका है। इसे लेकर भाजपा मुखर हो गई है। पूर्व वन मंत्री और भाजपा नेता हमेश गागड़ा ने कहा कि, कांग्रेस सरकार से जनता में गहरी नाराजगी है। एडसमेटा घटना की न्यायिक जांच रिपोर्ट पेश हो गई है। रिपोर्ट में तमाम बिंदु है। उसमें जो सुझाव दिया गया है, सरकार को कार्यवाही करनी चाहिए, लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया है। वहीं गागड़ा ने सरकार की महत्वकांक्षी योजना गौठान का निरीक्षण कर उसमें भ्रष्टाचार किए जाने का भी आरोप लगाया है। 

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भाजपा कार्यालय में गुरुवार को पूर्व वनमंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि, कांग्रेस जब विपक्ष में थी, तब कवासी लखमा और विधायक विक्रम मंडावी व कांग्रेस अन्य नेताओं ने पीड़ितों से मुलाकात की थी। उन्हें भरोसा दिलाया था कि, उनकी सरकार आएगी तो उचित कार्यवाही करेंगे। साल 2022 में न्यायिक जांच हुई और रिपोर्ट आ गई। गागड़ा ने कहा कि हर चीज पर एसआईटी जांच कर 10 दिन में कार्यवाही करने की घोषणा करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सरकार में हैं। सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने पीड़ित परिवार व बस्तर के आदिवासियों से कई तरह की घोषणाएं की थी, पर हुआ कुछ नहीं। 

महेश गागड़ा ने कहा कि, इसका नतीजा सिलगेर, बुरजी, बेचापाल, फुंडरी, बेदरे, भानुप्रतापुर, अंतागढ़ में दिखाई दे रहा है। जहां आदिवासियों का आंदोलन चल रहा हैं। गागड़ा ने कहा कि इन आंदोलनकारियों से न तो कांग्रेस के लोग मिल रहे हैं, और न ही प्रशासन मिल रहा हैं। सिर्फ आदिवासियों को गुमराह कर उन्हें उलझा के रखा गया हैं। उनकी समस्याओं को सुनने का समय इनके पास नहीं हैं। गागड़ा ने सरकार से मांग की है कि आपने जो वादे किए थे, उसे पूरा करें। 
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पूर्व मंत्री ने सरकार की महत्वकांक्षी गौठान योजना पर भी निशाना साधा। कहा कि गुरुवार को उन्होंने नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के साथ 10 गोठानों का निरीक्षण  किया। आदर्श गौठान मोदकपाल में न तो उन्हें गाय मिली और न ही गोबर बेचा जा रहा था। मवेशियों के रख रखाव के लिए भी कोई माकूल व्यवस्था नहीं देखी गई है। गौठान योजना को मुख्यमंत्री ने महत्वकांक्षी योजना बता कर इस पर प्रचार प्रसार के नाम करोड़ो रुपये फूंक दिए, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हैं। गागड़ा ने कहा कि जब मुख्य मार्ग के गौठान का ये हाल है तो गांव में स्थिति का अनुमान लगाया जा सकता है। 

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