भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के आधिकारिक संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस और विपक्षी ‘इंडी’ गठबंधन की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा अटल सदन कार्यालय बीजापुर में आयोजित प्रेसवार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस.एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी ने स्पष्ट किया है कि देशभर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) समेत सभी प्रमुख निर्णय पूर्ण सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से आयोग के भीतर मतभेद होने का दावा निराधार है।
कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र पर भी स्थिति स्पष्ट
फॉर्म-6 के घोषणापत्र को लेकर भी उठाए सवाल
जानकी कोरसा ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से फॉर्म-6 के घोषणापत्र को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। उन्होंने कहा कि मतदाता पंजीकरण के नियमों में कोई बदलाव या हेरफेर नहीं किया गया है।
संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने का मुद्दा उठाया
मताधिकार सुनिश्चित करने की आयोग की प्रतिबद्धता
भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग हर पात्र नागरिक को मताधिकार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और जमीनी स्तर पर मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आयोग के हवाले से कहा कि पिछले चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए गए हैं। प्रेसवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष घासीराम नाग और नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी भी मौजूद रहीं।