सूत्रों से खबर मिली है कि इस आदेश के जारी होते ही डिप्टी कलेक्टर उइके रायपुर चले गए हैं। खबर लिखे जाने तक नए सीईओ देवांगन को पदभार नहीं सौंपा है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि वे आदेश को रूकवाकर जनपद सीईओ बने रहने का जोड़तोड़ करने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि सुरेश कुमार देवांगन की नियुक्ति सरकार ने बीते साल 2024 में 20 दिसंबर को भोपालपटनम जनपद सीईओ के तौर पर की थी। बावजूद प्रभारी सीईओ उइके ने उन्हें पदभार नहीं सौंपा। डिप्टी कलेक्टर उइके बीते डेढ़ सालों से इस पद पर बने हुए हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष भी देखा जा रहा था।
मामले को लेकर बीते दिनों अमर उजाला ने खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर मिश्रा ने 16 मई को डिप्टी कलेक्टर उइके को हटाकर सीईओ देवांगन को पदभार सौंपने के आदेश जारी कर दिए। यहां ये बताना भी लाजिमी है कि बीते 11 अप्रैल को विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने सभी कलेक्टर व जिपं सीईओ को स्पष्ट निर्देश जारी किया था, कि किसी जनपद पंचायत सीईओ को प्रभार से हटाकर किसी अन्य अधिकारी को यह जिम्मेदारी दी जानी है, तो इसके पूर्व शासन से अनुमोदन लेना अनिवार्य है।