कैबिनेट मीटिंग में कोई फैसला नहीं होने पर संविदा कर्मचारियों में काफी रोष है।
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छत्तीसगढ़ में भूपेश कैबिनेट की गुरुवार को हुई बैठक सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी लेकर आई। सरकार ने उनका पांच फीसदी डीए बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं हड़ताल कर रहे प्रदेश के 45 हजार संविदा कर्मचारियों के हाथ निराशा लगी है। कर्मचारियों ने कहा कि, सरकार ने निराश किया है। कैबिनेट बैठक में उनको लेकर कोई फैसला नहीं किया गया। इसके चलते कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ रोष है। इसके बाद कर्मचारियों ने जल्द निर्णय नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के मीडिया में दिए बयान के बाद संविदा कर्मचारियों को कैबिनेट बैठक से काफी उम्मीदें थीं। अब बैठक में किसी भी प्रकार का निर्णय नहीं आने से संविदा कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी हैं। इससे नाराज कई जिलों में संविदा कर्मचारियों ने सरकार के प्रति अपना विरोध जताने के लिए जमकर नारेबाजी भी की। बीजापुर सहित पूरे प्रदेश के 54 विभागों में कार्यरत 45 हजार संविदा कर्मचारी तीन जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
महासंघ के बीजापुर जिला अध्यक्ष रमाकांत पुनेठा ने कहा कि, सरकार के पौने पांच साल बीत जाने के बाद भी नियमितिकरण के संबंध में निर्णय नहीं लिया जाना दुखद है। समाचार पत्रों में 6 जुलाई के कैबिनेट बैठक में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की संभावना जाहिर की गई थी। जिसके बाद प्रदेश के 45000 संविदा कर्मचारियों को सरकार से आश बंधी थी कि, मौजूदा भूपेश सरकार से तोहफा मिलेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कहा कि, सरकार जल्द निर्णय नहीं लेती तो आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।