कलेक्टर व व्यापारी संघ की बैठक फोटो
बीजापुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी पर कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन दुकान बंद करने का फैसला लेने वाले व्यापारियों और जिला प्रशासन के बीच आखिरकार सहमति बन गई। कलेक्टर विश्वदीप की पहल के बाद व्यापारी संघ ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही जिले के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां दोबारा सामान्य हो गई हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। उन्होंने व्यापारियों की शिकायतों और मांगों को विस्तार से सुना तथा भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि व्यापारियों के हितों को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर के आश्वासन और प्रशासन की त्वरित पहल से व्यापारी संघ संतुष्ट नजर आया। संघ ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ संवाद और सहयोग बनाए रखने का निर्णय लिया। इसके बाद अनिश्चितकालीन दुकान बंद रखने का फैसला वापस ले लिया गया।
दुकानें खुलने के साथ ही बाजारों में फिर से चहल-पहल लौट आई। व्यापारियों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी बात गंभीरता से सुनी गई और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा मिला है। इस पूरे घटनाक्रम से प्रशासन और व्यापारियों के बीच संवाद के जरिए विवाद सुलझाने की सकारात्मक पहल सामने आई है।
बैठक में अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष ईश्वर सोनी सहित संघ के प्रतिनिधि और वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।