बीजापुर जिले में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन व परिवहन को लेकर जहाँ बवाल मचा हुआ है, वहीं इस मामले को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस के नेता भी रेत माफियाओं पर की कार्यवाही मांग रहे है।
बीजापुर जिले में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन व परिवहन को लेकर जहाँ बवाल मचा हुआ है, वहीं इस मामले को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस के नेता भी रेत माफियाओं पर की कार्यवाही मांग रहे है। वहीं रेत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हो पाया था कि अब अवैध गिट्टी का भंडारण और परिवहन का मामला सामने आ गया है। भोपालपटनम तहसील के राष्ट्रीय राजमार्ग 163 में भद्रकाली थाना के सामने खनिज विभाग के नाक के नीचे 3 साल से जगदलपुर की बीएमएस कंपनी बिना खनिज विभाग के इजाजत के अवैध गिट्टी का भण्डारण और परिवहन कर रहा था। कार्यस्थल पर जेसीबी मशीन व बड़ी बड़ी गाड़ियों में अवैध गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। जब इसकी जानकारी खनिज विभाग के अधिकारियो को दी गई तो उनके भी होश फाख्ता हो गए।
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खनिज विभाग ने की कार्रवाई
मीडिया में जानकारी आने के बाद खनिज विभाग के खनिज निरीक्षक सुब्रतो साना ने खानापूर्ति के लिए महज एक गाड़ी पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन करने वाली गाड़ी को जप्त करते हुए 37 हजार की चालानी कार्यवाही की है। वहीं सोचने वाली बात यह है की बीएमएस प्रोजेक्ट जो की जगदलपुर की कंपनी है। वह भद्रकाली थाना के ठीक सामने 3 सालों से अवैध गिट्टी का भण्डारण और परिवहन कर रही थी।
आखिर इतने बड़े काम पर खनिज विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ी। इसी के आसपास जिले की बड़ी रेत खदाने है और निजी रेत ठेकेदारों का भण्डारण भी है। आये दिन खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारी इस क्षेत्र में खनिज के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए दौरा करते है। इससे ये प्रतीत होता है की जिन जिम्मेदारो के ऊपर में खनिज का अवैध परिवहन रोकने की जिम्मेदारी है वो बस कार्यवाही का दिखावा कर रहे है। जिससे की शासन - प्रशासन को लाखों करोड़ों का राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस संबध में जब बीएमएस प्रोजेक्ट के मनीष सोमानी से बात की गई तो उन्होंने अपने काम को वैध बताया और खनिज विभाग के सभी नियमों का पालन करने की बात कही।