मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आँखों में संक्रमण
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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजापुर जिले में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आँखों में संक्रमण की गंभीर घटना को ध्यान में रखते हुए भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी के नेतृत्व में 6 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। जांच कमेटी ने रविवार, 16 नवंबर को प्रभावित मरीजों के परिजनों से मुलाकात की और अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति से अवगत हुई। इसके बाद जिला मुख्यालय बीजापुर में कांग्रेस जांच कमेटी ने प्रेस वार्ता आयोजित की।
प्रेस वार्ता में जांच कमेटी की संयोजक तथा भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी ने कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मरीजों को 23 नवंबर को जिला अस्पताल बीजापुर लाया गया और 24 नवंबर को ऑपरेशन किया गया। इसके बाद 25 नवंबर को मरीजों को वापस घर भेज दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में उनके परिजनों को जानकारी तक नहीं दी गई और आज तक किसी परिवारजन को मरीजों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस तरह मोतियाबिंद ऑपरेशन में घोर अनियमितता बरती गई। ऑपरेशन के बाद मरीजों की उचित देखभाल नहीं की गई तथा उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिसके कारण 9 मरीजों की आँखों में संक्रमण हो गया। संक्रमण बढ़ने पर मरीजों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल रायपुर रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज अभी जारी है।
जांच दल की संयोजक सावित्री मंडावी ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनने के बाद से बस्तर के आदिवासियों का विभिन्न रूपों में शोषण हो रहा है। कभी आदिवासियों को जेल में डाला जाता है, कभी उनकी मूल निवास की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है और अब उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हुए आँखों की रोशनी नष्ट करने की कोशिश की जा रही है, जिसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर दुख व्यक्त करते हुए बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि बीजापुर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। इतनी बड़ी घटना हो जाती है और किसी को पता तक नहीं चलता। जिले के लोगों की स्वास्थ्य चिंता न सरकार को है और न ही प्रशासन को। शासन स्तर पर तीन सदस्यीय जांच दल चुपके से बीजापुर आता है और चला जाता है, लेकिन अभी तक किसी ने इस घटना को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद प्रदेश का आदिवासी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। विधायक ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आँखों में हुए संक्रमण की घटना को जानबूझकर उजागर होने से रोकने और दबाने का काम भाजपा की डबल इंजन सरकार ने किया है। उन्होंने मोतियाबिंद ऑपरेशन में हुई लापरवाही की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग भाजपा सरकार से की।