फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस्तर में पुनर्वास की नई मिसाल: जिन हाथों में कभी बंदूकें थीं...अब बनाएंगे गरीबों का आशियाना

Thu, 11 Dec 2025 07:23 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर

सार

बस्तर के माड़ क्षेत्रों के 30 युवाओं ने नक्सलवाद छोड़कर राजमिस्त्री प्रशिक्षण पूरा किया है। अब वे गरीब परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों के निर्माण में सहयोग देंगे, जिससे क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन
युवाओं को मिला उन्नत प्रशिक्षण - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बस्तर के दुर्गम माड़ क्षेत्रों में कभी बंदूक थामे भय और हिंसा का पर्याय बने युवक अब समाज निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल और सतत पुनर्वास प्रयासों के चलते नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 30 युवाओं ने आर सेटी में राजमिस्त्री प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परिवर्तन न केवल क्षेत्र में शांति का संकेत है, बल्कि आत्मनिर्भरता और उम्मीद की नयी शुरुआत भी है।
विज्ञापन


अब गरीबों के लिए बनेंगे आशियाने
राजमिस्त्री कौशल हासिल करने के बाद ये युवा अब अपने हुनर का उपयोग जरूरतमंद और गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित आवास निर्माण में करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों में भी ये प्रशिक्षित युवा योगदान देंगे, जिससे जिले में आवास निर्माण की गति और गुणवत्ता दोनों सुधरेंगी।

युवाओं को मिला उन्नत प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को नींव एवं दीवार निर्माण, प्लास्टरिंग, माप-जोख, निर्माण में सुरक्षा मानक, आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में सरकारी एवं निजी निर्माण कार्यों में रोजगार पा सकें।
विज्ञापन


समाज निर्माण की ओर कदम
आर सेटी प्रशिक्षकों ने बताया कि इन युवाओं ने सीखने और काम करने में अद्भुत उत्साह दिखाया। प्रशिक्षक आर सेटी यह परिवर्तन प्रेरणादायक है। जो युवा कभी समाज से दूर थे, वे अब समाज को संवारने का कार्य कर रहे हैं। 

बस्तर में पुनर्वास मॉडल की नई कहानी
यह पहल जिले में लौट रहे युवाओं के सफल पुनर्वास का सशक्त उदाहरण है, जहां कौशल विकास के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर दिया जा रहा है। इन युवाओं का यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक है कि हिंसा नहीं, कौशल और विकास ही प्रगति का रास्ता है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें