छत्तीसगढ के बीजापुर जिले में दल से बगावत कर गांव में स्वतंत्र जीवन जी रहे एक पूर्व नक्सली कमांडर की नक्सलियों ने गोली मार कर हत्या कर दी।
इस घटना ने नक्सलियों के बीच अंतर्कलह को उजागर कर दिया है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन बीजापुर में यह घटना जन चर्चा का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व नक्सली कमांडर को ओहदेदार नक्सली नेता गणेश उईके ने स्वयं गोली मारी है। दक्षिण पश्चिम बस्तर में दहशत का पर्याय रहा पूर्व नक्सली कमाण्डर संतोष पहले मिरतूर और फिर गंगालूर एरिया कमेटी के सेक्रेटरी के रूप में कार्य कर चुका था।
बाद में उसे नक्सलियों ने पश्चिम बस्तर डिवीजनल कमेटी का सदस्य बना दिया था। बाद में पैसों की हेरा फेरी कर यह आंध्रप्रदेश जाकर आत्मसर्पण करने की योजना बनाया था। इसके चलते वह दल से बगावत कर कई दिनों तक फरार रहा।
इस बीच नक्सलियों ने उसे संगठन से हटा दिया था। बाद में वह नक्सलियों से छिपतेण्छिपाते अपने गांव तिमापुर पहुंच गया और वहां रह कर वह कृषि कार्य में जुट या था।
इस बीच नक्सलियों ने उसकी तलाश जारी रखी। बाद में यह पता लगने पर कि वह अपने गांव तिमापुर में निवासरत है दो दिन पूर्व दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सचिव गणेश उईके सदलबल तिमापुर पहुंचा और वहां जन अदालत लगाई।
सूत्रों के मुताबिक जन अदालत में संतोष को भी बुलाया गया था, लेकिन उसने आने से मना कर दिया और वह अपने खेत पहुंच गया।
इस बीच नक्सली भी वहां पहुंचे और उन्होंने उसे गोली मार दी, जिससे घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी।
बताया जाता है कि इसकी खबर पुलिस को भी मिली है लेकिन पुलिस ने अब तक इस घटना की पुष्टि नहीं की है।