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बीजापुर: फोर्स के सामने 24 हार्डकोर नक्सलियों ने किया सरेंडर, साढ़े सत्तासी लाख रुपये का घोषित था इनाम

Fri, 23 May 2025 07:31 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/बीजापुर

सार

24 hardcore Naxalites surrendered in Bijapur: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में हुए सफल नक्सल ऑपरेशन के बाद आज फिर एक और सफलता हाथ लगी है।
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फोर्स के सामने साढ़े सत्तासी लाख के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने किया सरेंडर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 24 hardcore Naxalites surrendered in Bijapur: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में हुए सफल नक्सल ऑपरेशन के बाद आज फिर एक और सफलता हाथ लगी है। बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों के सामने 87 लाख 50 हजार रुपए के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में से बीस पर 50 हजार से लेकर 10 लाख तक के इनाम घोषित थे। इस आशय की जानकारी खुद सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट करके दी। 
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सीएम साय ने पोस्ट कर लिखा कि 'बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों के समक्ष 87 लाख 50 हजार रुपए के इनामी 24 हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में से बीस पर ₹50 हजार से लेकर ₹10 लाख तक के इनाम घोषित थे।  यह हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति - 2025 एवं नियद नेल्ला नार योजना की सकारात्मक सफलता का प्रमाण है। अब नक्सली, उग्रवाद की राह छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास व पुनरुत्थान के लिए हम पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं माननीय केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह  के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक देश-प्रदेश से लाल आतंक का समूल नाश निश्चित है।'

इन माओवादियों में पीएलजीए की कंपनी नंबर 2 के डिप्टी कमांडर राकेश, माड़ डिवीजन की कंपनी नंबर 7 के पीपीसीएम, केकेबीएन  डिवीजन के सदस्य, सीएनएम व केएमएस के अध्यक्ष, भैरमगढ़ व गंगालूर एरिया कमेटी से जुड़े अन्य बड़े नक्सली सदस्य शामिल हैं। 
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सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों की रणनीति का असर

नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे मुख्य वजह शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, नियद नेल्ला नार योजना  गांवों में तेजी से हो रहे विकास कार्य, सड़कों का विस्तार, बिजली-पानी की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच रही। इसके अलावा नक्सल संगठन के भीतर बढ़ती असंतोषजनक स्थितियां, भेदभावपूर्ण व्यवहार और क्रूरता से त्रस्त होकर ये नक्सली मुख्यधारा में लौटने को मजबूर हुए। सरकार की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक नक्सली को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि चेक के रूप में प्रदान की गई। 

2025 में अब तक का आंकड़ा:
  • 237 माओवादी गिरफ्तार
  • 227 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
  • 119 मुठभेड़ में मारे गए


कमान में वरिष्ठ अधिकारी, अभियान में कई बल शामिल
यह आत्मसमर्पण अभियान पुलिस उपमहानिरीक्षक केरिपु बीजापुर  राकेश कुमार, बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, कोबरा, डीआरजी, एसटीएफ, बस्तर फाइटर, केरिपु 85 व 199 वाहिनी के संयुक्त नेतृत्व व प्रयासों से सफल हुआ।
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एसपी की अपील
एसपी डॉक्टर जितेंद्र यादव ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं और अपने परिवारों के साथ सामान्य जीवन बिताएं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के परिजन भी अब चाहते हैं कि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ें और सुरक्षित जीवन जिएं। इधर माना जा रहा है कि बस्तर में शांति और विकास की ओर यह आत्मसमर्पण एक बड़ा संकेत है। छत्तीसगढ़ शासन की प्रभावी रणनीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के चलते नक्सल संगठन कमजोर पड़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में और भी आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है।
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