ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर महाविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
जांजगीर चांपा जिले के ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर (टीसीएल) महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी विषय के पेपर के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। सुबह 7 से 10 बजे तक निर्धारित तीन घंटे की परीक्षा को पूरा करने में पांच घंटे लग गए। इस दौरान न्यू कोर्स के 197 छात्र-छात्राओं को गलती से ओल्ड कोर्स का प्रश्न पत्र वितरित कर दिया गया, जिसके बाद हंगामा मच गया।
परीक्षा शुरू होने के बाद जब छात्रों ने प्रश्न पत्र देखा तो इसे आउट ऑफ कोर्स बताते हुए आपत्ति जताई। जांच में पाया गया कि न्यू कोर्स के बजाय ओल्ड कोर्स का पेपर बांटा गया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचित किया और सही प्रश्न पत्र की फोटोकॉपी करवाई गई। इस प्रक्रिया में दो घंटे की देरी हुई, जिसके कारण परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया। नतीजतन, सुबह 7 बजे परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को पांच घंटे तक परीक्षा कक्ष में बैठना पड़ा।
प्राचार्य का दावा- गलती हमारी नहीं
महाविद्यालय के प्राचार्य ने इस लापरवाही को अपनी गलती मानने से इनकार किया। उनका दावा है कि यह त्रुटि स्व. नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के सभी बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा वाले महाविद्यालयों में हुई है। प्राचार्य ने कहा कि प्रश्न पत्र की पैकिंग के दौरान प्रिंटिंग प्रेस से गलती हुई और विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्देश पर ही परीक्षा आयोजित की गई।
छात्रों में आक्रोश, बोनस अंक की मांग
प्रश्न पत्र वितरण में हुई इस गड़बड़ी से छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि इस लापरवाही से उनकी तैयारी और समय दोनों प्रभावित हुए। छात्रों ने बोनस अंक देने की मांग की है और इस मामले की जांच की मांग उठाई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि यह लापरवाही कहां से हुई।
विश्वविद्यालय के अधीन कॉलेज में गड़बड़ी
स्व. नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले टीसीएल महाविद्यालय में हुई इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि ऐसी गलतियों से भविष्य पर असर पड़ता है और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।