छत्तीसगढ़ सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की मुख्य परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। यह फैसला राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर लिया गया है। इसके तहत नगरीय प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर इसको महापौर सम्मान राशि निधि के अंतर्गत शामिल किया है।
संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2024 के अंतिम परिणाम 22 अप्रैल को घोषित किए, जिसमें छत्तीसगढ़ के पांच अभ्यर्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। राज्य के रायपुर निवासी पूर्वा अग्रवाल- 65वीं रैंक, मुंगेली निवासी अर्पण चोपड़ा- 313वीं रैंक, जगदलपुर निवासी मानसी जैन- 444वीं रैंक, अंबिकापुर निवासी केशव गर्ग- 496वीं रैंक और शची जायसवाल- 654वीं रैंक हासिल किए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवा प्रतिभाशाली और मेहनती हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर हमारे युवाओं ने साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं। एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा हमारी सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो युवाओं को सिविल सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोत्साहन राशि न केवल अभ्यर्थियों की मेहनत को सम्मान देगी, बल्कि अन्य युवाओं में भी यूपीएससी की तैयारी के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को जागृत करेगी। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए एक अनुकूल और प्रेरणादायी वातावरण का निर्माण हो।
नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि नगर निगमों के तहत संचालित महापौर सम्मान राशि निधि से प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास करने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह कदम न केवल अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।