कलाएं खासकर प्रदर्शनकारी कलाएं एक स्वस्थ जीवन के लिए कितनी अहमियत रखते हैं। इस बात को शायद भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के सीईओ ने समझ लिया है इसलिए बीएसपी ने संगीत और कला की ओपीडी शुरू की है। प्लांट के गर्म माहौल का असर कर्मचारियों की जिंदगी में तनाव पैदा करता है, जिससे पूरा परिवार प्रभावित होता है।
तनाव से ग्रसित कर्मचारियों की जिंदगी को खुशहाल बनाने के मकसद से भिलाई के सेक्टर 10 में स्थित अस्पताल को सांस्कृतिक केंद्र में तब्दील किया गया है, जो पिछले एक साल से बंद पड़ा था। इस केंद्र में रोजाना शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक मुफ्त ओपीडी चलेगी, जहां कलाकार अपने फन से लोगों का मनोरंजन करेंगे।
संगीत और अन्य प्रदर्शन कलाएं जीवन में तनाव के स्तर को काफी हद तक दूर करने में मदद साबित हो सकती हैं। संगीत को लेकर ऐसे कई प्रयोग हुए हैं जहां डॉक्टरों के जवाब दे देने के बाद मरीजों को संगीत थेरेपी से स्वस्थ किया गया। बीएसपी सीईओ एम. रवि ने संगीत और कला की इस ओपीडी को इलाके के एक सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित करने का निश्चय किया है।
इस ओपीडी में संगीत की विभिन्न शैलियों हिन्दुस्तानी, कनार्टक और वेस्टर्न की क्लास होगी। हार्मोनियम, सिंथेसाइजर, तबला और आक्टापैड जैसे वाद्य यंत्र भी सिखाए जाएंगे। इसके अलावा डांस, पेंटिग, मूर्तिकला और लोक कला की शिक्षा के लिए भी क्लास लगेगी। बीएसपी के तमाम कलाकार रोजाना शाम छह से रात नौ बजे तक यहां रहेंगे और अपनी कला से दूसरो को जिंदगी निखारेंगे।
इस ओपीडी के उद्घाटन समारोह के दौरान बीएसपी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ए.के. माथुर और बीपी नायक समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।
बीएसपी कर्मचारियों में तनाव के स्तर को बढ़ता देख इस सांस्कृतिक केन्द्र की जरूरत महसूस की गई जिसे अब साकार किया जा सका है। भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ एम. रवि ने कहा कि, 'एक जगह पर सभी कलाकारों को लाने की सोच साकार हुई है। इस केंद्र से न सिर्फ प्लांट की उत्पादकता बढ़ेगी बल्कि बच्चों की प्रतिभा निखर कर समाने आएगी। इस सांस्कृतिक ओपीडी में न सिर्फ लोगों का इलाज होगा बल्कि लोगों का जीवन बेहतर होगा और वे एक कामयाब इंसान बनेंगे। आने वाले समय में प्रबंधन ओपीडी के दायरे को बढ़ाएगा।'