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बेमेतरा ब्लास्ट : चार दिन बाद भी फैक्टरी से लापता 8 लोगों का नहीं मिला सुराग, प्रशासन को DNA रिपोर्ट का इंतजार

Wed, 29 May 2024 04:56 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा

सार

इस मामले में पुलिस ने कंडरका पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की है। इसके अलावा ब्लास्ट के बाद मलबे से शरीर के अंग मिले हैं जिसे रायपुर के मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। लापता हुए लोगों के परिजनों का डीएनए कराया जाएगा।
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कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कांग्रेस ने एसपी को ज्ञापन सौंपा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला में बीते 25 मई शनिवार की सुबह 7.57 बजे स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड कंपनी के फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया था। यह फैक्ट्री बेरला थाना क्षेत्र के ग्राम पिरदा (बोरसी) में है। घटना में अब तक एक की मौत सात घायल हुए हैं। घायलों का उपचार रायपुर के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। जिस यूनिट में यह ब्लास्ट हुआ है वहां पर काम कर रहे आठ श्रमिकों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। 

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इस मामले में पुलिस ने कंडरका पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की है। इसके अलावा ब्लास्ट के बाद मलबे से शरीर के अंग मिले हैं जिसे रायपुर के मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है। लापता हुए लोगों के परिजनों का डीएनए कराया जाएगा। इसे लेकर दो दिन पहले ही परिजनों से बाल व ब्लड का सैंपल लिया गया है। दूसरी ओर इस घटना के बाद रविवार से फैक्ट्री के सामने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना व परिजनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है जो कि बीते चार दिन से जारी है। 
 

इन लोगों की मांग है कि 50 लाख रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी व फैक्ट्री बंद कराने की है। घटना के बाद अब तक फैक्ट्री प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसे लेकर कांग्रेस के नेताओं ने बेमेतरा एसपी रामकृ़ष्ण साहू को ज्ञापन सौंपा है। बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने किहा कि इस गंभीर हादसे के मामले में कंपनी संचालक/फैक्ट्री संचालक के विरूद्ध अब तक किसी भी प्रकार का थाने में प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड कंपनी संचालक एवं कंपनी के जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की गई है। चेतावनी दी कि अगर शीघ्र एफआईआर दर्ज होकर निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन किया जाएगा। वहीं इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी है। 45 दिन में जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपनी है।

 

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