बेमेतरा जिले के साजा वन परिक्षेत्र में हाल ही में आठ हनुमान लंगूरों की हत्या के मामले में प्रमुख आरोपी रामाधार को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी. श्रीनिवास राव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सुधीर अग्रवाल के निर्देश पर की गई है। गिरफ्तारी में दुर्ग सर्किल के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) डॉ. केनिली माचिओ और वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) चंद्रशेखर परदेशी के नेतृत्व में राज्य उड़नदस्ता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मामला तब सामने आया जब ग्राम बेलगांव में मरे हुए बंदरों के अवशेष सोशल मीडिया पर वायरल हुए। वन विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए गांव में अपनी टीम भेजी। कई लोगों के बयान दर्ज किए गए और जांच में पता चला कि गांव में बंदरों का आतंक था। जिसे समाप्त करने के लिए अवैध तरीके से बंदरों की हत्या की गई थी। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बंदर की हत्या करना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। और उनकी देखरेख वन विभाग द्वारा की जाती है।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक बंदूक भी बरामद की गई है। जिसका उपयोग 28 अगस्त को हुए अवैध शिकार में किया गया था। आरोपी रामाधार को धमधा के परिक्षेत्र अधिकारी लक्ष्मी आदित्य और साजा के परिक्षेत्र अधिकारी पीआर लसेल ने गिरफ्तार किया। इस कार्यवाही में बेमेतरा के उप वनमंडलाधिकारी (एसडीओ) वीएन दुबे और अन्य वन विभाग के अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राव ने इस मामले पर निरंतर निगरानी रखने और भविष्य में इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वन विभाग की ओर से बताया गया है कि इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि अवैध शिकार और वन्यजीवों की हत्या के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी और सभी दोषियों को दंडित किया जाएगा।