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बेमेतरा में दर्दनाक हादसा: अचानक गिरी जर्जर दीवार; 2 मासूम बहनों की मौत, महिला की हालत गंभीर

Sun, 28 Jun 2026 04:12 PM IST
बेमेतरा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा

सार

बेमेतरा जिले के ग्राम राउरपुर में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। जर्जर कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दो मासूम बच्चियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
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घटना स्थल पर ग्रामीणों ने मदद किया
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विस्तार
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बेमेतरा जिले के ग्राम राउरपुर में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। जर्जर कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दो मासूम बच्चियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य भोजन करने के बाद घर के बाहर बर्तन साफ कर रहे थे। इसी दौरान शशिकला खंडेलवाल कच्ची दीवार के पास बैठकर बर्तन मांज रही थीं। उनके साथ 12 वर्षीय वंशिका कोशले और 10 वर्षीय राधिका कोशले भी मौजूद थीं। तभी अचानक वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी कच्ची दीवार भरभराकर गिर पड़ी और तीनों मलबे के नीचे दब गईं।

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आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक वंशिका और राधिका ने दम तोड़ दिया था। दोनों बच्चियों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।वहीं, गंभीर रूप से घायल शशिकला को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि महिला की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर दोनों बच्चियों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर भवनों की स्थिति और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राउरपुर गांव में रविवार का दिन मातम में बदल गया। जिन आंगनों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है।

घटना स्थल पर ग्रामीणों ने मदद किया

 

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