फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस्तर दशहरा: देवियों के मिलन की रस्म ‘मावली परघाव’ निभाई गई, दंतेवाड़ा से आई माईजी की डोली का भव्य स्वागत

Thu, 02 Oct 2025 10:52 AM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर

सार

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म 'मावली परघाव' बुधवार की रात पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ अदा की गई। यह रस्म दो देवियों दंतेवाड़ा की मावली माता और जगदलपुर की दंतेश्वरी माता के मिलन के रूप में जानी जाती है।
विज्ञापन
बस्तर दशहरा में माईजी की पालकी का हुआ भव्य स्वागत, मावली परघाव की रस्म निभाई गई - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की एक और महत्वपूर्ण रस्म 'मावली परघाव' बुधवार की रात पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ अदा की गई। यह रस्म दो देवियों दंतेवाड़ा की मावली माता और जगदलपुर की दंतेश्वरी माता के मिलन के रूप में जानी जाती है। परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ इसे दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण और कुटरूबाड़ा के समीप सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए और देर रात तक धार्मिक माहौल बना रहा। रस्म का नेतृत्व बस्तर माटी पुजारी कमलचंद भंजदेव ने किया।
विज्ञापन


परंपरा के अनुसार, दंतेवाड़ा से मावली देवी की छत्र डोली और दंतेश्वरी माता का छत्र जगदलपुर लाया गया। माईजी की डोली का स्वागत राजपरिवार सदस्य कमलचंद भंजदेव और हजारों श्रद्धालुओं ने धूमधाम से किया। इस दौरान आतिशबाजी और फूलों की बारिश ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

फूलों के साफे की विशेष परंपरा
'मावली परघाव' रस्म में फूलों से बना साफा खास महत्व रखता है। यह साफा केवल जंगल में पाए जाने वाले फूलों से तैयार किया जाता है। राजा को यह साफा पहनाया जाता है और इसकी विशेष पूजा की जाती है। इसी साफे को पहनकर देवी की डोली को राजमहल परिसर स्थित दंतेश्वरी मंदिर में स्थापित किया जाता है। पूजा अर्चना के बाद माईजी की डोली को दशहरा पर्व के समापन तक मंदिर के भीतर ही रखा जाएगा।
विज्ञापन


सांस्कृतिक धरोहर
सदियों पुरानी इस परंपरा का निर्वहन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का भी परिचायक है।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति अध्यक्ष महेश कश्यप, विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरीस एस. और एसपी शलभ सिन्हा सहित दंतेवाड़ा से पहुंचे कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसपी गौरव राय मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें