विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा आयोजन को लेकर आम आदमी पार्टी जगदलपुर ने भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आप नेता समीर खान ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस पर्व को आम जनता के लिए सांस्कृतिक उत्सव बनाने के बजाय 'लूट का उत्सव' बना दिया है।
खान ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल एक पर्व नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत और अस्मिता का प्रतीक है। लेकिन भाजपा सरकार ने लालबाग जैसे आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर केवल प्रचार-प्रसार और भाषणबाज़ी को प्राथमिकता दी, जबकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पेयजल, स्वच्छ शौचालय, सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।
नगर निगम जगदलपुर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि महापौर और विधायक पूरी तरह निष्क्रिय दिखाई देते हैं। हजारों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, और पर्यटन विभाग की भी सक्रियता नज़र नहीं आती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दशहरा उत्सव के नाम पर स्वदेशी मेला और मीना बाजार आयोजित कर जनता से टिकट वसूली की जा रही है। खान ने सवाल किया, “क्या बस्तर की जनता को अपने ही पर्व में शामिल होने के लिए कीमत चुकानी पड़ेगी?” समीर खान ने अंत में कहा कि यदि सरकार वास्तव में बस्तर और इसकी संस्कृति से प्रेम करती है तो उसे जनता की सुविधा और बुनियादी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि केवल "मंच और माइक की राजनीति" करनी चाहिए।
आप की प्रमुख माँगें
- मीना बाजार जैसे आयोजनों में आम जनता के लिए निःशुल्क प्रवेश।
- साफ पानी, शौचालय, सफाई और कूड़ेदान की पर्याप्त व्यवस्था।
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
- जनता के टैक्स का दुरुपयोग रोकना और स्थानीय ज़रूरतों पर खर्च करना।