कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक
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जांजगीर चांपा जिले में अब नदियों से रेत के उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। शासन के इस आदेश को सख्ती से लागू कराने के लिए कलेक्टर ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक लेकर पुलिस, खनिज, वन और परिवहन विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खनिज विभाग के साथ पुलिस, राजस्व, परिवहन और वन विभाग की टीम शामिल हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 10 जून से 15 अक्तूबर तक नदियों से रेत उत्खनन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर तुरंत संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही जिले में खनिज के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए टास्क फोर्स को सक्रिय किया गया है। कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भार क्षमता से अधिक खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई करें। साथ ही कोयला और डस्ट ढोने वाले वाहनों को तिरपाल से ढंकना अनिवार्य होगा। इसके अलावा गिट्टी खदानों के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं। माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के जरिये नियमित जांच की जाएगी ताकि अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
जिले में महानदी और हसदेव नदी के पांच रेत घाट अधिकृत रूप से संचालित हैं। लेकिन कई अन्य घाटों में रेत माफिया चैन माउंटेन मशीन लगाकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। अब तक खनिज विभाग ने छोटी मोटी कार्रवाई कर राजस्व में करीब 70 लाख रुपये की पेनल्टी वसूल की है। अब सभी विभागों की संयुक्त कार्रवाई से इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि अगर कोई नियम तोड़ेगा तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बार अवैध रेत उत्खनन पर शिकंजा कसने के लिए सभी विभाग मैदान में उतर चुके हैं।