बालोद जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद से अब शिक्षक वहां नहीं जाना चाह रहे जहां प्रशासन उन्हें भेज रहा है। रोज शिक्षक कलेक्टोरेट पहुंच रहे हैं। खासकर महिला शिक्षिकाएं। वहीं अब कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को वापिस लेने के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। ये आंदोलन ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक किया जा रहा है। कांग्रेस ने लोहारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करते हुए इस प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की और कहा कि ये सीधे-सीधे शिक्षा का निजीकरण है और निजी विद्यालयों को बढ़ावा देने की साजिश है। वहीं कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि अब तो शिक्षा की बात में भी पुलिस को सरकार आगे कर रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने शिक्षा की अच्छी गुणवत्ता के लिए आत्मानंद स्कूल खोले और शिक्षकों की भर्ती की अब ये क्या समय आ गया है कि विद्यालयों से शिक्षक हटाए जा रहे हैं और इससे सीधा सीधा उन गरीब परिवार के बच्चों पर असर पड़ेगा, जो कि अपनी शिक्षा के लिए शासकीय विद्यालयों पर निर्भर रहते हैं, हम चाहते हैं कि प्रशासन इस प्रक्रिया को तुरंत निरस्त करे और शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था करें।
महिला शिक्षिकाएं पहुंच रहे कलेक्टोरेट
युक्तियुक्त करण की प्रक्रिया के बाद से लगातार शिक्षक नए जगहों पर जान नहीं चाहते और अपने बच्चों सहित शिक्षक कलेक्टर के पास आवेदन लगाने पहुंच रहे हैं। ताकि उन्हें नई जगह ना जाना पड़े, वहीं कांग्रेस को अब ये बैठे बिठाए बड़ा मुद्दा बन गया है और कांग्रेस भी अपनी मांग पर अड़ा है कि शिक्षा का निजीकरण करने की यह साजिश है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोपाल प्रजापति ने कहा कि यहां पर शिक्षा गुणवत्ता के सुधार करने का ढोंग भाजपा सरकार कर रही है, वहीं पीछे से शिक्षा को ही खत्म करने की साजिश कर रही है।
युक्तियुक्त करण में हुआ भ्रष्ट्राचार
जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में भ्रष्ट्राचार हुआ है चहेतों को लाभ पहुंचाया गया है, इसे भी आय का एक साधन बना दिया गया जिसे निरस्त करने की मांग हम कर रहे हैं और ये लड़ाई की शुरुआत है।