फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाटापारा: ऑनलाइन आईपीएल सट्टा रैकेट का मुख्य सरगना गिरफ्तार, गोवा से पकड़े गए थे 15 आरोपी

Fri, 11 Jul 2025 01:57 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, भाटापारा

सार

बलौदाबाजार जिला पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में भाटापारा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा गिरोह के मुख्य संचालक गिरीश घिरवानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बलौदाबाजार जिला पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में भाटापारा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑनलाइन आईपीएल क्रिकेट सट्टा गिरोह के मुख्य संचालक गिरीश घिरवानी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और सट्टा रैकेट का मास्टरमाइंड माना जा रहा था। गौरतलब है कि इससे पूर्व पुलिस ने गोवा के बोगमालो इलाके में छापेमारी कर ऑनलाइन सट्टा चला रहे गिरोह के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से ₹8.15 लाख कीमती मोबाइल, लैपटॉप, टीवी समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए थे। गिरोह द्वारा खेलो यार, आरबीसी 139 और वीनबज 7 नामक पैनल्स के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाया जा रहा था।

विज्ञापन


प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी गिरीश घिरवानी ऑनलाइन सट्टा एप्स के लॉगिन आईडी के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा चला रहा था। वह मोबाइल फोन से सट्टा से संबंधित लेन-देन करता था, और कार्य करने वाले लड़कों को वेतन उनके खातों में ट्रांसफर करता था। साथ ही सट्टा की रकम को हवाला के जरिए इधर-उधर करता था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस व साइबर सेल की टीम लगातार प्रयासरत थी। गहन जांच और तकनीकी निगरानी के बाद आरोपी को 11 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
नाम: गिरीश घिरवानी
उम्र: 41 वर्ष
पता: कश्मीरी गली, प्लॉट नंबर 635, त्रिभुज (एनआईटी) गार्डन, नागपुर, महाराष्ट्र

हालांकि सूत्रों की मानें तो भाटापारा के स्थानीय खाईवाल व मुख्य सटोरिए अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इस पर पुलिस महज औपचारिक कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रही है। वहीं, स्थानीय स्तर पर सट्टा कारोबार के पूरी तरह खत्म नहीं होने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें