भाटापारा में 108 कुंडीय यज्ञ की शुरुआत देव आवाहन के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने हवन, परिक्रमा और प्रसादी में सहभागिता की। डॉक्टर चिन्मय पंड्या का उद्बोधन मुख्य आकर्षण रहा। भारी भीड़ के बीच प्रथम दिन का पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
भाटापारा में 108 कुंडीय विशाल यज्ञ के पहले दिन में गुरुवार को देव आवाहन का शुभ क्रम संपन्न हुआ। 11 दिसंबर को 33 कोटि देवताओं के आवाहन के साथ यज्ञ की शुरुआत हुई। इसमें जोड़े दंपतियों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया। हवन उपरांत शांति पाठ और मां गायत्री की पूजा आरती सम्पन्न हुई।
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आरती के बाद गायत्री परिवार आयोजक समिति ने सभी यज्ञ कुंडों को सुरक्षित स्थान पर एकत्रित किया, जिसके पश्चात सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जनसमूह ने यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर प्रसादी के लिए भंडारे की ओर प्रस्थान किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण डॉक्टर चिन्मय पंड्या, प्रतिकुलपति, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार का उद्बोधन रहा।
दूर दूर से आए गायत्री परिवार के सदस्यों ने उनके प्रवचन को बड़े ध्यान से सुना। समय पर उनके पहुंचते ही कार्यक्रम स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। कई लोग देर से आने पर अफसोस करते दिखे कि वे उनके उद्बोधन का कुछ हिस्सा सुनने से वंचित रह गए। पूरे आयोजन में पुलिस व्यवस्था चाकचौबंद रही और प्रथम दिन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भव्य रूप से सम्पन्न हुआ।