भाटापारा शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा कारण अवैध शराब कारोबार बनता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाटापारा और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 150 से अधिक लोग अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय रूप से लिप्त हैं। इन अवैध शराब कोचियों और माफियाओं के कारण क्षेत्र में चोरी, झगड़े, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई केवल "खानापूर्ति" के तौर पर की जाती है। कुछ नाममात्र की दबिशें और औपचारिक जब्ती के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से कच्ची शराब बनाना और बेचना आम बात हो गई है। वहीं, शहर के कई इलाकों में भी गुपचुप तरीके से शराब की अवैध बिक्री जारी है। जनता ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।