जिला प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर नकेल कसते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। रविवार को की गई कार्रवाई में पलारी, भाटापारा और लवन तहसीलों से कुल 7 वाहन जब्त किए गए, जिनमें एक चैन माउंटेन मशीन, एक हाइवा और पांच ट्रैक्टर शामिल हैं।
पलारी तहसील: एसडीएम दीपक निकुंज के नेतृत्व में ग्राम दातान (ख.) में कार्रवाई करते हुए एक चैन माउंटेन मशीन की जांच की गई। निरीक्षण में पाया गया कि मशीन चालक के पास हैवी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था और निर्धारित सीमा से अधिक गहराई में रेत की खुदाई की जा रही थी। प्रशासन ने मशीन को बंद करवाकर खदान के मुंशी मनोज कुमार के सुपुर्द कर दिया।
वहीं, मोहान घाट से अवैध रूप से रेत भरकर ले जा रहे दो ट्रैक्टरों को जब्त कर थाना गिधपुरी के हवाले किया गया। भाटापारा तहसील: एसडीएम अभिषेक गुप्ता के नेतृत्व में निरीक्षण के दौरान तीन ट्रैक्टर अवैध रेत परिवहन करते पाए गए। इन्हें जब्त कर चौकी करही बाजार के सुपुर्द किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भाटापारा के कुछ खाली जगहों में भारी मात्रा में रेत डंप की गई है, जिस पर प्रशासन का ध्यान नहीं है। लोगों की मांग है कि डंप की गई रेत की भी जांच की जाए, क्योंकि उसमें भी अवैध खनन की संभावना हो सकती है। लवन तहसील: ग्राम चंगोरी से बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत ले जा रही एक हाइवा को जब्त कर थाना लवन के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन की इस सख्ती से रेत माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने का अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।