जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। आए दिन चाकूबाजी और धारदार हथियारों से जुड़े मामलों ने नागरिकों को दहशत में जीने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर हथियार लहराते युवकों पर कार्रवाई कर वाहवाही बटोरने की कोशिश तो की जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि अपराधियों का खौफ कम नहीं हुआ, बल्कि उनका हौसला और भी बुलंद होता नजर आ रहा है।
आंकड़े साफ बताते हैं कि अगस्त 2025 में ही जिले में चाकूबाजी की 07 बड़ी घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें 15 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें से 06 नाबालिग आरोपी भी शामिल हैं। पुलिस ने इनसे 08 धारदार हथियार बरामद किए हैं। सवाल यह है कि जब इतनी तादाद में असामाजिक तत्व खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं और सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो डालकर चुनौती दे रहे हैं, तो पुलिस की गश्त और खुफिया तंत्र आखिर कहां नाकाम साबित हो रहा है?
जनता का कहना है कि केवल गिरफ्तारी और प्रेस नोट जारी करने से अपराध कम नहीं होंगे। असली जरूरत है-
-रात-दिन सक्रिय गश्त बढ़ाने की
-संदिग्ध युवकों और असामाजिक तत्वों की कड़ी निगरानी की
-नाबालिग अपराधियों पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की
-तेज और कड़ी सजा दिलाने की व्यवस्था बनाने की
लोगों का साफ कहना है कि पुलिस अगर सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करती रही, तो अपराधियों का हौसला और बढ़ेगा और जनता की असुरक्षा की भावना और गहरी होगी। अब जिले की जनता उम्मीद कर रही है कि प्रशासन और पुलिस महकमा सिर्फ कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर कड़ा कदम उठाए, ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ बैठे और आम नागरिक चैन की सांस ले सकें।