छत्तीसगढ़ में सरकार आर्थिक, सामाजिक सर्वेक्षण कार्य करा रही है। इस दौरान बालोद में सर्वेक्षण काम में लगे एक शिक्षक की स्कूल में घुसकर एक ग्रामीण ने पीट दिया। शिक्षक को सर्वे के दौरान आरोपी ने डाटा दिया था, लेकिन राशन कार्ड में सुधार नहीं हुआ। घटना के दो दिन बाद शिक्षक ने मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुंडरदेही की ओर से शिक्षक प्रधान पाठक बलराम बंजारे की खेरुद गांव में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के कार्य में ड्यूटी लगाई गई है। इसका काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से किया जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान शिक्षक बलराम बंजारे करीब एक सप्ताह पहले गांव के ही पुरानिक साहू के घर पहुंचे थे। वहां से पुरानिक ने उन्हें पूरी जानकारी दी और फार्म भर लिया। इसके कुछ दिनों बाद पुरानिक साहू शिक्षक बलराम बंजारे के स्कूल पहुंच गया।
पुरानिक साहू ने अपना राशन कार्ड का डाटा सुधरवाने की बात शिक्षक बलराम बंजारे के पास रखी। इस पर शिक्षक ने उन्हें बताया कि डाटा अपलोड हो गया है। इसके बाद हमारे हाथ में कुछ नहीं है। अब शासन और प्रशासन स्तर से ही आगे काम होगा। आरोप है कि इतनी बात सुनते ही पुरानिक साहू भड़क गया। उसने शिक्षक बलराम बंजारे की जमकर पिटाई कर दी। पहले तो पुलिस के पास जाने से शिक्षक परहेज करते रहे। फिर अन्य लोगों के समझाने पर पहुंचे और मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्कूल में पदस्थ अन्य महिला शिक्षक के बयान के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि, आर्थिक सामाजिक सर्वेक्षण में पूछे गए सवालों से लोग परहेज कर जानकारी छिपाने का प्रयास करते हैं। इसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। हालाकि यह अपनी तरह का प्रदेश का पहला मामला है, जब मारपीट की गई है। राज्य में बालोद अकेला जिला है, जिसने 16 दिनों में सर्वे का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है।