धरने पर बैठे परिवहन संघ के लोग
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बालोद जिले के दल्ली राजहरा नगर में परिवहन संघ द्वारा बीते 10 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन अनवरत जारी है। यहां पर अब तक किसी तरह का कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। आगामी 4 दिसंबर को द्विपक्षीय वार्ता होने की बात सामने आ रही है परिवहन संघ का कहना है कि जो मांग हम कर रहे हैं वो जायज है और शहर के विकास के लिए भी यह मील का पत्थर है आपको बता दें कि बीते 10 दिनों से परिवहन संघ की हड़ताल की वजह से करोड़ों का नुकसान हो रहा है उनके गाड़ियों के पहिए भी थमे हुए हैं।
जानिए पांच सूत्रीय मांगे
1. रेलमार्ग से 100 % परिवहन का 40 % का परिवहन का कार्य दल्लीराजहरा से भिलाई तक दल्लीराजहरा परिवहन संस्था के मालवाहकों को दिया जाए.
2. वर्तमान में हितेकसा में निर्माणाधीन पैलेट प्लांट से निर्मित होने वाले पैलेट का परिवहन कार्य दिया जाए.
3. बीएसपी प्रबंधन द्वारा निजी क्षेत्र को बेची जाने वाली अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन कार्य दिया जाए.
4. क्षेत्र की जनता के लिए समुचित रोजगार मुहैया करके पलायन रोका जाए.
5. जिला खनिज न्यास निधि से मिलने वाली राशि का अधिकतम उपयोग शहर के विकास कार्य के लिए किया जाए।
किश्त में गाड़ियां
राजार परिवहन संघ के सदस्य अजमेर सिंह रंधावा ने बताया कि हम सभी की गाड़ियां किस्तों में हैं 10 दिनों से गाड़ियां खड़ी है और हमें लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है लेकिन हम अपने अधिकार और हक के लिए यहां पर डटे हुए हैं हमारी लड़ाई यहां पर बीएसपी प्रबंधन से है यदि उनके द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता है तो यह आंदोलन जारी रहेगा उन्होंने कहा कि विपक्षी वार्ता की बात चल रही है परंतु अब तक कोई भी सकारात्मक परिणाम नहीं निकाल पाए हैं वहीं परिवहन संघ के सचिव अनिल सुथार ने बताया कि हम सब 10 दिनों से यहां पर अपने पास सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं और हमारी जो मांगे हैं वह बिल्कुल ही जायज है जब हम यहां स्थानीय लोग हैं तो हमें थोड़ा तो व्यापार करने का अधिकार मिलना चाहिए।