नेताओं की गिरफ्तारी पर आक्रोश
कार्रवाई की भनक लगते ही ‘जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी’ और ‘छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना’ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में किसानों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए और बुलडोजर के सामने खड़े होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कानून-व्यवस्था बिगड़ती देख पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आंदोलनकारियों सहित संगठनों के नेताओं को हिरासत में ले लिया। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को रसूखदारों को बचाने और गरीबों को प्रताड़ित करने वाली दोहरी नीति करार दिया है
बालोद प्रशासन लगातार गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के खिलाफ एकतरफा और अन्यायपूर्ण कार्रवाई कर रहा है। सदर रोड पर रसूखदारों द्वारा बरसों से किए गए बड़े पैमाने के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है, लेकिन गरीबों के छोटे-छोटे आशियानों और खेतों को उजाड़ने के लिए मात्र 24 घंटे का नोटिस देकर बुलडोजर भेज दिया गया। -दानी साहू, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना
चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस और प्रशासनिक टीम
अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी। मौके पर बालोद थाना प्रभारी के अलावा गुंडरदेही, कंवर और अन्य थानों के प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मोर्चे पर डटे रहे। इसके साथ ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (RI) और पटवारियों की पूरी संयुक्त टीम पैनी नजर बनाए हुए थी।