परीक्षा परिणाम का तनाव 10वीं में लगातार दूसरी बार फेल होने पर छात्र ने दी जान
बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बंधिया पारा में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ बोर्ड परीक्षा में मिली असफलता के गम में एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। छात्र पिछले दो वर्षों से कक्षा 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने का प्रयास कर रहा था, लेकिन परिणाम अनुकूल न आने के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था।
5 विषयों में फेल होने से था आहत
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक राजवीर बघेल (17 वर्ष 6 माह) शिक्षा सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुआ था। जब परिणाम घोषित हुए, तो वह 5 विषयों में अनुत्तीर्ण रहा। बताया जा रहा है कि राजवीर पिछले साल भी 6 विषयों में फेल हो गया था। लगातार दो साल मिली इस असफलता से वह बुरी तरह टूट चुका था और इसी हताशा में उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपने निवास पर फांसी लगा ली।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण परीक्षा में फेल होना ही सामने आ रहा है, फिर भी परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
समाज के लिए चिंता का विषय
एक छोटे से परिणाम के कारण उभरती उम्र के युवा का इस तरह दुनिया छोड़ जाना पूरे क्षेत्र में चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के समय और परिणाम के बाद बच्चों की उचित काउंसलिंग और उन्हें मानसिक संबल देना अनिवार्य है, ताकि ऐसे घातक फैसलों से उन्हें बचाया जा सके।