बालोद जिले के गुरूर थाना क्षेत्र में मां सियादेवी पर्यटन स्थल के पास नारागांव और नर्रा गांवों में आवारा कुत्तों का कहर देखने को मिला। बुधवार को एक ही दिन में इन बेकाबू कुत्तों ने 10 लोगों को अपना शिकार बनाया, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना से पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल है।
हमले की घटना और घायलों का उपचार
घटना के अनुसार, नारागांव में आठ लोगों पर कुत्तों ने हमला किया, जबकि नर्रा गांव में दो लोग घायल हुए। आनन-फानन में सभी घायलों को गुरूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, वहां एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं था, जिस कारण तीन घायलों को बालोद जिला अस्पताल और शेष सात को धमतरी जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनके परिजन अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा गांवों में मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं, ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग जोर-शोर से उठाई है।
महिलाओं ने सुनाई आपबीती
घायलों में शामिल 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला नवल बाई मंडावी ने बताया कि लगभग चार-पांच महीने पहले उन्होंने एक कुत्ता पाला था। पिछले 10-15 दिनों से वह कुत्ता गायब था। बुधवार की सुबह जब वह अपने चार वर्षीय नाती मेहुल मंडावी को खिला रही थीं, तभी अचानक वह कुत्ता आया और नाती पर हमला कर दिया। उसे बचाने के प्रयास में महिला पर भी कुत्ते ने हमला कर दिया। इसी बीच, आसपास के अन्य लोग और वहां से गुजर रहे लोग भी कुत्ते के आतंक का शिकार हुए। इनमें योगेश्वरी मंडावी (30 वर्ष), दीपांशु गावड़े (5 वर्ष), पुष्पा साहू (45 वर्ष), बलिन करियाम (28 वर्ष) और शिशुपाल सिंह (48 वर्ष) शामिल हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि 15 दिन पहले जब कुत्ता गायब था, उस दौरान उसे किसी पागल कुत्ते ने काटा होगा, जिसके कारण वह आक्रामक हो गया।