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CG News: बालोद के वरिष्ठ नेता यज्ञदत्त शर्मा को राज्य स्तरीय जिम्मेदारी, लघु वनोपज संघ के बने उपाध्यक्ष

Wed, 29 Oct 2025 10:53 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, बालोद

सार

बालोद जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा को राज्य स्तर पर लघु वनोपज संघ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया जिससे समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई और पटाखों से खुशी मनाई गई। 
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सीएम साय से मुलाकात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बालोद जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं नगर पालिका परिषद बालोद के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा को छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राज्य मंत्री दर्जे वाले इस पद पर उनकी नियुक्ति के बाद जिले भर में खुशी की लहर दौड़ गई है। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों में समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया। नियुक्ति के बाद यज्ञदत्त शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि उनके सहयोग से राज्य के विकास और वनवासी समाज के उत्थान के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

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राजनीति में लंबे समय से सक्रिय
यज्ञदत्त शर्मा पूर्व में जिला लघु वनोपज संघ के निर्वाचित अध्यक्ष रह चुके हैं। वन उपज संघ में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर राज्य और केंद्र सरकार को सुझाव भेजे हैं, जो नीति निर्माण के दृष्टिकोण से उपयोगी सिद्ध हुए हैं। उनकी नियुक्ति को बालोद जिले के सम्मान और प्रभाव में वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है लघु वनोपज संघ
राज्य लघु वनोपज संघ एक शीर्ष सहकारी संगठन है, जो त्रि-स्तरीय संरचना में कार्य करता है। इसमें राज्य स्तर की शीर्ष संस्था के साथ 31 जिला यूनियन और 901 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियां शामिल हैं। पूरे प्रदेश में लगभग 10,300 संग्रहण केंद्र (फड़) और करीब 13.76 लाख वनोपज संग्रहकर्ता परिवार कार्यरत हैं।
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यज्ञदत्त शर्मा का परिचय
यज्ञदत्त शर्मा 1999 से 2004 तक बालोद नगर पालिका के अध्यक्ष रहे हैं। वे एक अनुभवी और लोकप्रिय राजनेता हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक और सामाजिक जीवन में कई जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाई हैं। वे आदिवासी और वनवासी समुदायों के हितों के प्रति संवेदनशील और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। उन्हें यह नई जिम्मेदारी मिलने से न केवल बालोद बल्कि पूरे क्षेत्र के वनवासी समाज को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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