बालोद में धान खरीदी में लापरवाही का मामला 900 कट्टा धान भरा ट्रक लावारिस हालत में मिला है जिसे लेकर अब प्रशासन कुछ बोल नहीं पा रहा है, धान खरीदी के बीच इतनी बड़ी लापरवाही का यह पहला मामला है जिसे लेकर स्पष्टीकरण करना अनिवार्य है।
जिले में धान के परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था और हाईटेक मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुंडरदेही ब्लॉक के कोड़ेवा केंद्र से 13 जनवरी को 900 बोरी धान लेकर निकला एक ट्रक संग्रहण केंद्र पहुंचने के बजाय लापता हो गया। चार दिन बाद यह ट्रक बालोद-कांकेर सीमा पर बढ़भूम दमकसा के घने जंगलों में लावारिस हालत में खड़ा मिला।
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हैरानी की बात यह है कि शासन के नियमानुसार धान के हर ट्रक की GPS से मिनट-टू-मिनट निगरानी होती है, फिर भी चार दिनों तक प्रशासन और ट्रांसपोर्टर को ट्रक के गायब होने की भनक तक नहीं लगी। शनिवार रात जब प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, तो ग्रामीणों ने मॉनिटरिंग सिस्टम की विफलता पर जमकर आक्रोश जताया। जिला विपणन अधिकारी टिकेंद्र राठौर ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जंगल में धान से लदा ट्रक मिलना किसी बड़ी साजिश या अफरा-तफरी की ओर इशारा कर रहा है।