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Balod: हनुमान जयंती के दिन रेत पर उभरी भगवान हनुमान की प्रतिमा, चमत्कार मान दर्शन करने पहुंच रहे लोग

Tue, 23 Apr 2024 04:41 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़

सार

आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है वहीं बालोद जिले के ग्राम कोहंगाटोला में मनरेगा मजदूरों ने काम करने के दौरान रेट में कुछ उपहार देखा और वह  अब भगवान बजरंगबली के स्वरूप के रूप में उभरता जा रहा है।
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रेत पर उभरी भगवान हनुमान की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है वहीं बालोद जिले के ग्राम कोहंगाटोला में मनरेगा मजदूरों ने काम करने के दौरान रेट में कुछ उपहार देखा और वह  अब भगवान बजरंगबली के स्वरूप के रूप में उभरता जा रहा है। यह बात धीरे-धीरे गांव में फैली उसके बाद पूरे अंचल के लोग भगवान के उस उभरे हुए रेत के स्वरूप को देखने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं। वहां पर नारियल चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो चुका है और लोग पूजा अर्चना करने भी पहुंच रहे हैं। 

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ग्रामीण खिलेश्वरी साहू ने बताया कि हमें जानकारी मिली कि हमारे गांव की नदी में रेत में से भगवान बजरंगबली की प्रतिमा उभर कर सामने आई है और स्वत: ही इसने रूप धारण किया है जिसके बाद से हम भी पूजा अर्चना करने पहुंचे हुए हैं। वहीं ग्राम के निवासी मनीष साहू ने बताया कि सुबह काम करने वालों ने देखा जिसके बाद से यहां भक्त दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं और तो और दूर दराज से लोग भी पहुंच रहे हैं।

चमत्कार को नमस्कार करने पहुंच रहे लोग
गांव की इस नदी ने अस्थाई मंदिर का रूप ले लिया है लोग नारियल सहित पूजन सामग्री लेकर वहां पर पूजा अर्चना करने पहुंच रहे हैं ग्रामीणों की माने तो सुबह जब मनरेगा मजदूरों ने देखा तो और रेट का उभार थोड़ा काम था अब संपूर्ण स्वरूप भगवान बजरंगबली का उसे रेट में देखने को मिल रहा है और गांव में ऐसा पहली बार हुआ है जब रेत में भगवान बजरंगबली के जयंती के दिन इस तरह की घटना हुई।
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कलाकार का बनाना संभव नहीं
रेत का कटाव इस तरह है कि वहां पर किसी कलाकार द्वारा रेत में भगवान बजरंगबली की प्रतिमा बनाना संभव नहीं है और क्षेत्र में कोई रेत से मूर्ति बनाने वाला कलाकार भी नहीं है। लिहाजा इस प्रकृति का स्वरूप बताया जा रहा है और ग्रामीण इसे भगवान बजरंगबली की कृपा बता रहे हैं। उनका कहना है कि सुबह से ही भक्त यहां पर पूजा अर्चना कर रहे हैं भगवान बजरंगबली को चढ़ाने वाले सारे पूजन सामग्री लेकर महिलाएं वहां पर पहुंच रही हैं।  

 

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