बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक में स्थित सनौद धान खरीदी केंद्र में बुधवार को एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। संजारी-बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने प्रशासनिक मनमानी के विरोध में केंद्र के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। उन्होंने तहसीलदार हनुमंत श्याम पर किसानों का रकबा जबरन समर्पण कराने का आरोप लगाते हुए अपने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
तहसीलदार पर गंभीर आरोप
विवाद की जड़ तहसीलदार हनुमंत श्याम की कार्यप्रणाली बताई जा रही है। किसानों और विधायक का आरोप है कि तहसीलदार ने स्वयं सोसायटी पहुंचकर कंप्यूटर ऑपरेटर पर दबाव बनाया। नियमों को ताक पर रखकर किसानों का रकबा समर्पित (काट) करवाया गया। इस प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण धान खरीदी केंद्र की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
किसानों की परेशानी और विधायक का विरोध
इस हंगामे का सीधा असर धान खरीदी प्रक्रिया पर पड़ा है। कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा टोकन नहीं काटे जाने के कारण किसान सुबह से परेशान हैं। किसानों ने इसकी सूचना अपनी स्थानीय विधायक को दी, जिसके बाद विधायक संगीता सिन्हा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं। मौके पर धरने पर बैठी विधायक ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर अन्नदाताओं को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर को बैठाकर जबरन रकबा समर्पण कराना सरासर गलत है। विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलता और तहसीलदार पर कार्रवाई नहीं होती, यह प्रदर्शन जारी रहेगा। यह घटना स्थानीय प्रशासन और किसानों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है।