बिना अनुमति मेडिकल कैम्प की तैयारी
- फोटो : Amar Ujala
बालोद जिले के ग्राम कोरगुड़ा में बिना प्रशासनिक अनुमति के फर्जी मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों को भ्रमित करने की बड़ी साजिश को बालोद पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने पंचायत भवन में कैंप लगाने की तैयारी कर रहे चार संदिग्धों को रंगे हाथ दबोच लिया। इनके कब्जे से एक चारपहिया वाहन, भारी मात्रा में हेल्थ सप्लीमेंट्स और जांच मशीनें जब्त की गई हैं। जब्त माल की कुल कीमत करीब 7,18,597 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 106 के तहत कार्रवाई की है।
थाना बालोद को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि कोरगुड़ा स्थित ग्राम पंचायत भवन में कुछ बाहरी लोग वाहन क्रमांक CG 07 AQ 7352 से पहुंचे हैं। ये लोग मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज का झांसा देकर ग्रामीणों की भीड़ जुटा रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पंचायत भवन में घेराबंदी कर दी।
दस्तावेज मांगने पर बगलें झांकने लगे आरोपी
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो चारों आरोपी वहां दवाओं का स्टॉल और जांच उपकरण लगा रहे थे। जब टीम ने उनसे स्वास्थ्य विभाग की अनुमति, संस्था के पंजीयन या डॉक्टरों की डिग्री से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और सामान समेत थाने ले आई।
ये आरोपी आए पुलिस की गिरफ्त में
पकड़े गए आरोपियों में राजेश कुमार कोठारी (40) निवासी हरंडडा (खैरागढ़), टी. वेंकटेश राव (47) निवासी हुडको भिलाई (दुर्ग), सुरेंद्र पटेल (29) निवासी सिंगारपुर (कबीरधाम) और मोहित कुमार रक्सेल (38) निवासी करगाडीह उतई (दुर्ग) शामिल हैं।
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30 से अधिक किस्म के हेल्थ प्रोडक्ट्स और मशीनें जब्त
तलाशी के दौरान वाहन से 'रेट्रोस' (RETROS) कंपनी के 30 से ज्यादा तरह के हेल्थ सप्लीमेंट्स और उत्पाद मिले, जिनमें बीपी, शुगर, किडनी, लिवर और आर्थो केयर से जुड़े उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा ग्रामीणों की नब्ज टटोलने के लिए लाई गई क्वांटम रेजोनेंस मैग्नेटिक एनालाइजर मशीन, वेट मशीन, लैपटॉप, प्रिंटर और वाहन को पंचनामा तैयार कर जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी जांच कर रही है।