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Balod: अपनी भव्यता का परिचायक है लोहारा का राजभवन, युवराज के कंधों पर जिम्मेदारी, जानें राज परिवार की कहानी

Sat, 23 Nov 2024 01:04 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद

सार

छत्तीसगढ़ राज्य में राज घराने की जब बात आती है तो बालोद जिले के लोहारा राज के टेकाम परिवार का इतिहास लोगों के ज़ेहन में उतरता है। आज भी इस राजा बाड़ा के राज भवन का इतिहास अपने भव्यता की परिचायक है।
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लोहारा राजभवन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ राज्य में राज घराने की जब बात आती है तो बालोद जिले के लोहारा राज के टेकाम परिवार का इतिहास लोगों के ज़ेहन में उतरता है। आज भी इस राजा बाड़ा के राज भवन का इतिहास अपने भव्यता की परिचायक है। यहां वो स्वरूप इन महल की दीवारों में देखने को मिलता है इस परिवार से विधायक भी हुए, इस राजभवन में फिल्म न्यूटन की शूटिंग भी हुई, अब यह राज भवन की संपूर्ण जिम्मेदारी इस परिवार के युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम के हाथों में है। इस राजमहल का इतिहास 200 वर्षों से पुराना बताया जा रहा है समय के साथ साथ राज परिवार ने महल को सुरक्षित रखने कुछ काम कराए हैं पर 80 प्रतिशत तह यह महक अपने अतीत को अपने दीवारों की बनावट से बयान करता प्रतीत होता है।

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484 गांव की जमींदारी
छत्तीसगढ़ के बालोद के लोहारा नगर का राज परिवार जिनका घराना वहां तक फैला हुआ है जिसकी पहचान पूरे देश में है दअरसल राजहरा माइंस में टेकाम राजवंश के कुलदेव निवास करते हैं जो आज भिलाई इस्पात संयंत्र के अधीन हैं और पूरे क्षेत्र की पूजा प्रथम इसी राज परिवार से होती है यहां पर जो देव दशहरा होता है वो पूरे प्रदेश में विख्यात है इस परिवार के पास 484 गांव की जमींदारी थी।

1952 में पहली बार राजनीति में सक्रिय हुआ राजवंश
आपको बता दें कि राजा फ़त्तेशाह इस परिवार के पुरोधा हैं और इसी परिवार से कांग्रेस शासन काल के समय रानी झमित कुंवर कांग्रेस से विधायक भी हुई और इस परिवार की इष्ट देवी मां दंतेश्वरी है 1952 से यह परिवार राजनीति में सक्रिय रहा, इस परिवार की युवराज लाल निवेंद्र सिंह टेकाम का कहना है कि मेरे पिता और माताजी विधायक की पूर्वजीव विधायक थे उनका सारा समय जनता की सेवा में गुजारा है मैं चाहता हूं कि उनकी नीति चलती रहे चाहे स्वरूप जैसा भी हो मैं भी जनता की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहता हूं आपको बता देंगे युवराज के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है और यह भी राजनीति में सक्रियता से आगे बढ़ रहे हैं।
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दो विधायकों ने संजोया परिवार, अब दोनों स्वर्गीय
इस परिवार में दो ऐसे विधायक रहे जिन्होंने पूरे प्रदेश में अपना नाम बनाया इसमें से स्वर्गीय लाल महेंद्र सिंह टेकाम और स्वर्गीय नीलिमा टेकाम शामिल है कुछ वर्ष पूर्व वही इनका देहांत हुआ है और इस परिवार में काफी कुछ इस शहर और इस क्षेत्र की जनता को दिया आपको बताने की शहर की जितने भी शासकीय कार्यालय है सभी इसी परिवार की जगह पर निर्मित है और लोगों की सुविधा के लिए इन्होंने अपनी जमीनों को दान दिया है जिसमें से तालाब सहित अन्य संसाधन शामिल है।

लाल निवेंद्र ने सम्हाली जिम्मेदारी 
अब कुंवर लाल निवेंद्र सिंह टेकाम पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं राजनीति में भी उनका अच्छा वर्सेस देखने को मिल रहा है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है खाने वाले विधानसभा चुनाव में वह खुलकर अपनी दावेदारी प्रस्तुत करेंगे उन्होंने कहा कि मैं सेवा करना चाहता हूं जैसे मेरे मां-बाप और मेरे पूरे पूरा परिवार करता आया है और हमारा यह राज भवन आम जनता के लिए हमेशा खुला है यह अपनी समस्याओं को लेकर हमारे पास कभी भी आ सकते हैं।

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