बालोद जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के राजराव पठार में विराट वीर मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहां पर आदिवासी संस्कृति और सभ्यता की झलक देखने को मिल रही है। यहां पर अंचल से देवी-देवता भी पहुंचे हुए हैं, जहां देव जातरा का कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है और दूर-दूर से आंगा देव पहुंचे हुए हैं। यहां पर धमतरी की पायल नेताम ने बताया कि पहनावा और संस्कृति की अनुपम मिशाल यहां देखने को मिल रही है।
युवा प्रभाग से अपनी सेवा दे रहे नवीन सलाम ने बताया कि छत्तीसगढ़ के यह सबसे बड़े मेले में से एक है और यहां पर बस्तर से भी लोग पहुंचे हुए हैं आपको बता दें कि इस विराट वीर मेले का 11 वर्ष से आयोजन हो रहा है और यहां पर संस्कृति सभ्यता और एकजुटता की मिशाल देखने को मिल रही है और यह मेला शहीद वीर नारायण की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है।
आंगा देव पहुंचे मंच पर
आयोजन के दौरान आंगा देव अचानक मंच के समीप पहुंच गए, जिसमें देवी देवता सवार थे। इसके बाद पूरी लाइन को क्लियर किया गया और पूजा अर्चना के बाद यहां पर विदाई दी गई, वहीं हाट बाजार युवा पंचायत का आयोजन भी यहां पर किया जाता है, जिसे लेकर पूरे युवा सामाजिक जन हिस्सेदारी लेते हैं।