प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद जिले में संविधान बचाओ यात्रा में शामिल हुए उन्होंने यहां रैली को संबोधित किया और कहा कि आज हम लोग खुले मंच से जो बोल पा रहे हैं वह भी संविधान के दम पर ,सरकार का विरोध कर पा रहे हैं वह भी संविधान के दम पर, अपना विरोध करने वालों को प्रधानमंत्री बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। इसीलिए सरकार का विरोध करने का अधिकार देने वाले संविधान को बदल देने की मंशा भाजपा की है उन्होंने इस रैली में झीरम घटना का जिक्र करते हुए कहा पहलगाम और झीरम की घटना में काफी समानता है उन्होंने झीरम के शहीदों को नमन भी किया।
पूर्व सीएम ने कहा कि न्यायपालिका कार्यपालिका एवं विधायिका के माध्यम से आज संपूर्ण भारत शासन का कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है कभी आपस में टकराव नहीं हो पाया क्योंकि सारा काम संविधान में निहित प्रावधानों के अनुसार होता है। भाजपा नीत दिल्ली की सरकार गरीबों दलितों आदिवासियों महिलाओं को मौलिक अधिकार के माध्यम से सक्षम और प्रखर बनाने वाले संविधान को बदलना चाहता है। क्योंकि उनके मूल सिद्धांत वर्तमान संविधान के विपरीत है। कांग्रेस हमेशा से जातिगत जनगणना करने के लिए संघर्षरत रही भाजपा मुखर होकर जातिगत जनगणना का विरोध करती रही। लेकिन जैसे ही चुनाव पास आया राहुल गांधी जी के दबाव में और साथ ही अनुसूचित जाति जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग को अपने पक्ष में करने की लालसा के साथ जातिगत जनगणना कराई जाने की घोषणा की।
भूपेश बघेल ने आगे कहा की जातिगत जनगणना करने की घोषणा तो सरकार ने कर दी है लेकिन कब से लागू करेंगे इस पर अभी भी टालमटोल कर रहे हैं। वैसे ही महिला आरक्षण के संबंध में भी उन्होंने संसद में पास तो कर दिया है लेकिन कब से लागू होगा, ना तो प्रधानमंत्री बता पा रहे हैं, ना बीजेपी का कोई जिम्मेदार। आज हम लोग खुले मंच से जो बोल पा रहे हैं वह भी संविधान के दम पर ,सरकार का विरोध कर पा रहे हैं वह भी संविधान के दम पर, अपना विरोध करने वालों को प्रधानमंत्री बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। इसीलिए सरकार का विरोध करने का अधिकार देने वाले संविधान को बदल देने की मंशा भाजपा की है।
जब हम भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करते हैं जब हम उनके जनविरोधी नीतियों का विरोध करते हैं तो कांग्रेस के नेताओं के ऊपर झूठे मामलों में अपराध दर्ज किया जाता है नेशनल हेराल्ड के मामले में झूठी कहानी गढ़ी जा रही है, और देश को झूठ परोसा जा रहा है। आज भी पहलगाम हमले के आरोपियों को सरकार पकड़ नहीं पाई है पुलवामा में सैकड़ो टन बारूद कहां से आया, हमारे सेना के नौजवानों पर हमला करने वाले आतंकवादियों को आज तक नहीं पकड़ा जा सका । कांग्रेस जब इसका विरोध करती है तो कांग्रेस के नेताओं के घर ED,IT और CBI भेज कर डराने का प्रयास करती है भाजपा की सरकारी भूल जाती है कि कांग्रेस का हर सिपाही अंग्रेजों से लड़ने वाला सिपाही है जब कांग्रेस अंग्रेजों से नहीं डरा तो इन काले अंग्रेजों के झूठ साजिशों से कैसे डर सकते हैं।
झीरम से की पहलगाम की तुलना
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि झीरम घाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं का नाम पूछ पूछ कर गोली मारी थी पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म पूछ कर गोली मारी पहलगाम में भी घटना के समय सुरक्षाकर्मी नहीं थे झीरम घाटी में भी घटना के समय सुरक्षाकर्मी नहीं थे इन दोनों ही घटनाओं में समानता नजर आती है। इन सारी बातों को देखते हुए संविधान की रक्षा करना हम कांग्रेसियों के साथ-साथ आम जनता की भी जिम्मेदारी है। कांग्रेस के साथी जिला के बाद विधानसभा ब्लॉक और गांव गांव तक जाकर संविधान की जानकारी देंगे और उसके रक्षा करने के लिए लोगों को संकल्पित करेंगे।
संविधान बचाओ रैली सभा को यज्ञ देव पटेल एवं भारतीय बौद्ध महासभा के उपाध्यक्ष हेमंत पांडे ने भी संबोधित किया भूपेश बघेल जी के बालोद आगमन पर सैकड़ो कांग्रेसियों ने उनका जोरदार ढंग से स्वागत किया सभा के अंत में भूपेश बघेल जी ने जीरामघाती के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन धारण कराया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भूपेश बघेल के अलावा बालोद जिले के तीनों विधायक अनिला भेड़िया संगीता सिन्हा कुंवर सिंह निषाद पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेड़िया भैया राम सिंहा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष वीरेश ठाकुर महामंत्री पंकज महावर कृष्णा दुबे आलोक चंद्राकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित अन्य शामिल रहे।