बालोद जिले के दियाबाती गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर उपजा विवाद थाने से होते हुए कलेक्ट्रेट की चौखट तक पहुंच गया। शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जो सुरक्षा की दृष्टि से लगाए जा रहे कैमरों का विरोध कर रहे हैं।
ग्राम विकास समिति ने गांव के तीन मोहल्लों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया था। दो मोहल्लों में काम शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो गया, लेकिन तीसरे मोहल्ले प्रेमनगर में कुछ लोगों ने गाली-गलौज और मारपीट करते हुए काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी विरोध करने वाले लोग नहीं माने और पुलिस के जाने के बाद ग्राम प्रमुखों को जान से मारने की धमकी दी।
ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
गुरुर थाने में सुनवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां सुरक्षाकर्मियों के सामने ही ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
एएसपी मोनिका ठाकुर ने ग्रामीणों की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई नहीं होती, गांव में असुरक्षा का माहौल बना रहेगा।
दियाबाती गांव में सीसीटीवी लगाने पर विवाद