छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का दीप एसोसिएशन इन दोनों श्रवण बाधित और मुख्य बाधित लोगों के लिए जागरूकता कैंप का आयोजन कर रहा है। इस कैंप में उन्हें शासन का सहयोग भी मिला जिसके तहत वह जागरूकता कार्यक्रम टूर के लिए बस्तर पहुंचे जहां पर उन्होंने प्रकृति की गोद में पहुंचकर साइन लैंग्वेज और दीप अवेयरनेस कार्यक्रम को संपन्न किया। बालोद दीप संगठन के जिला अध्यक्ष हालदर साहू ने बताया कि हमें शासन से सहयोग मिला था इसके तहत हम जागरूकता कार्यक्रम और शिविर कैंपेन करने बस्तर क्षेत्र गए हुए थे यहां पर हमने नई जगह के प्राकृतिक रचनात्मक क्रियाकलापों को अपने सभी साथियों के साथ समझा ताकि आने वाले भविष्य में हम इसे और बेहतर कर सके।
इन उद्देश्यों को लेकर टूर
दुष्यंत साहू ने साइन लैंग्वेज के माध्यम से बताया कि उच्च स्तर की नेटवर्किंग और गहरे संबंध स्थापित करने यह टूर काफी सफल रहा उसमें शासन की ओर से भी उन्हें मदद मिली उन्होंने बताया कि इस कैंपेन में संचार संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए प्रौद्योगिकी का रचनात्मक उपयोग और विशिष्ट संचार मानदंड और व्यवहार जैसे कि लगातार आँख से संपर्क।चित्रकला, ड्राइंग, फिल्म, लोकगीत, साहित्य, कहानी और कविता जैसे कला रूपों के माध्यम से डेफ संस्कृति को बढ़ावा देना जैसे कई नए प्रयोग किए गए इसमें जिले से दर्जन भर लोग शामिल हुए। इसमें बालोद डेफ एसोसिएशन के अध्यक्ष हलधर साहू, उपाध्यक्ष शुभम निषाद, सचिव दुष्यंत साहू, शानू दत्त, जितेंद्र कुमार, रीना साहू, अमरीका सिन्हा, टिकेश्वर सावलकर, अरुण और थानेश्वर शामिल हुए।