अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने आज राजीव भवन बालोद में पत्रकारवार्ता की। इसमें सिहावा विधायक अंबिका मरकाम और पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया मुख्य वक्ता रहीं। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर देश को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया।
अंबिका मरकाम ने कहा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम 2023 कानून बन चुका है। यह संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मुहर भी ले चुका है। इसके बावजूद भाजपा लगातार झूठ फैला रही है कि विपक्ष ने इसे रोका। उन्होंने सवाल किया कि सरकार इसे वर्तमान सीटों पर ही 33 फीसदी आरक्षण देकर तत्काल लागू क्यों नहीं कर रही।
मरकाम ने 16 अप्रैल 2026 को पेश 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर लोकसभा सीटों की संख्या 850 करने की कोशिश कर रही थी। भाजपा अपने मनमुताबिक परिसीमन थोपने का प्रयास कर रही थी। विपक्ष ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया।
परिसीमन का षड्यंत्र
पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया ने कहा कि 2026-27 की जनगणना शुरू हो चुकी है। सरकार ने जातिगत जनगणना की बात भी स्वीकार ली है। फिर नए आंकड़ों के आधार पर पारदर्शी तरीके से आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का असली एजेंडा महिला सशक्तिकरण नहीं है। उनका उद्देश्य परिसीमन के जरिए सत्ता का केंद्रीकरण करना था।
कांग्रेस का इतिहास
भेंडिया ने कांग्रेस के इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज पंचायतों में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं। यह राजीव गांधी और नरसिम्हा राव सरकार की दूरदर्शिता का परिणाम है। कांग्रेस ने ही 2010 में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में महिला आरक्षण पारित करवाया था। यह राज्यसभा से पारित हुआ था।
नारी शक्ति वंदन पर तार
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