बालोद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 930 (एनएच-930) पर झलमला तिराहे से महाराष्ट्र सीमा के कोहका तक बनी 83 किलोमीटर लंबी सड़क परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में ही उखड़ने और धंसने लगी है। घटिया निर्माण और रखरखाव में लापरवाही सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य इंजीनियर ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने इस मामले में दो ठेकेदारों और छह इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में ठेकेदारों को 15 दिन और इंजीनियरों को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के बाद हुए विभागीय निरीक्षण के आधार पर यह कदम उठाया गया है।
परियोजना के लिए 636 करोड़ रुपये मंजूर
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग 930 परियोजना के तहत झलमला तिराहे से महाराष्ट्र सीमा के कोहका तक सड़क निर्माण के लिए दो चरणों में कुल 636 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। इसके पहले चरण में 268 करोड़ रुपये की लागत से झलमला से शेरपार तक 35 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया था। वहीं दूसरे चरण में 368 करोड़ रुपये की लागत से शेरपार से कोहका-महाराष्ट्र सीमा तक 48 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई थी। इस पूरी परियोजना के अंतर्गत सड़क को 10 से 12 मीटर चौड़ा करने और गुणवत्तायुक्त डामरीकरण करने की स्वीकृति दी गई थी। निर्माण कार्य पूरा होने के तुरंत बाद से ही सड़क की सतह उखड़ने लगी और जगह-जगह गड्ढे बन गए।
गुणवत्ता और रखरखाव में गंभीर लापरवाही
विभागीय जांच और अधिकारियों के निरीक्षण में सड़क निर्माण की गुणवत्ता, समय पर रखरखाव, सड़क सुरक्षा तथा निर्धारित मानकों के पालन में गंभीर कमियां पाई गई हैं। गारंटी अवधि के दौरान सड़क की स्थिति बिगड़ने के कारण निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने वाले इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। जांच टीम अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि सड़क खराब होने की जानकारी मिलने के बाद भी समय रहते मरम्मत और देखभाल के उपाय क्यों नहीं किए गए। हालांकि, विभाग ने अभी तक संबंधित ठेकेदारों और इंजीनियरों के नामों का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया है। स्थानीय निवासी शिकायतकर्ता जीशान सिद्दीकी और जिला प्रशासन ने नोटिस जारी होने के तथ्य की आधिकारिक पुष्टि की है।
कई इलाकों में बदहाल हुई नई सड़क
बालोद क्षेत्र में झलमला तिराहे से शेरपार तक सड़क की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है। इसके अलावा शेरपार-मानपुर-कोहका मार्ग पर भी घटिया निर्माण और देखरेख की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। बालोद शहर के भीतर भी गंजपारा से लीड कॉलेज तक राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत अत्यंत दयनीय है, जहां नई बनी सड़क को बार-बार खोदकर मरम्मत करनी पड़ रही है। कुंदरूपारा मोड़ के पास सड़क धंसने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। बैंक ऑफ इंडिया के सामने, नया बस स्टैंड, दल्ली चौक और गंजपारा क्षेत्रों में भी स्थानीय निवासियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। नई सड़क से भारी मात्रा में धूल उड़ने के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मरम्मत कार्य जारी और कार्रवाई का आश्वासन
राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के कार्यपालन अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि इस सड़क का निर्माण उनके पदभार ग्रहण करने से पहले हुआ था, इसलिए उन्हें मामले की पूरी विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय स्तर से ही संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार इंजीनियरों को नोटिस जारी किए गए हैं। वर्तमान में आम जनता को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से प्रभावित स्थलों पर सड़क की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। कार्यपालन अभियंता ने कहा कि नोटिस का जवाब प्राप्त होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कठोर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।