जल संचयन जनभागीदारी अभियान में बालोद जिले ने देश के जोन 02 में प्रथम स्थान हासिल किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जिले को दो करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देंगी। जल संरक्षण से जुड़े हजारों कार्यों और जनसहयोग से यह उपलब्धि मिली है।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
बालोद जिले ने एक बार फिर अपनी उपलब्धियों से प्रदेश का मान बढ़ाया है। ‘जल संचयन जन भागीदारी’ (जेएसजेबी 1.0) अभियान के तहत बालोद जिले ने देशभर के जोन-02 में प्रथम स्थान हासिल किया है। इसके लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जिले को दो करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगी। यह सम्मान मंगलवार 18 नवंबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। समारोह में बालोद जिले की कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान प्राप्त करेंगी।
विज्ञापन
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और जिलेवासियों को देते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनसहयोग से ही यह संभव हो पाया है। ‘जल संचयन, जन भागीदारी’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में जल संरक्षण और संवर्धन के दिशा में बड़े पैमाने पर कार्य किए गए हैं। अभियान के तहत 1 लाख 6 हजार 677 नवीन जल संरचनाओं का निर्माण, 30 हजार 849 जल स्त्रोतों की मरम्मत व साफ-सफाई, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के घरों में 10 हजार वाटर रिचार्ज पिट बनाए गए हैं।
वन क्षेत्र में मृदा एवं जल संरक्षण के तहत 3 लाख 88 हजार पौधारोपण किया गया है। ग्रामीणों ने भी स्वयं के प्रयासों से 27 हजार से अधिक घरों में सोकपिट तैयार कर इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया है। इसके अलावा 1 लाख 9 हजार 273 स्टेगर्ड कंटूर ट्रेंच, 140 अमृत सरोवर, 1 हजार 944 सामुदायिक तालाब, 6 हजार 160 निजी डबरियां, और सैकड़ों अन्य जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है। भारत सरकार की आकलन रिपोर्ट में बालोद जिले को जोन-02 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला घोषित किया गया, जिसके तहत जिले को यह बड़ी सौगात मिलने जा रही है।