बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त, जिला घोषित किया गया है। उन्होंने जिले को मिली इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता संपूर्ण जिलेवासियों की सजगता, समाज के सहयोग और सभी विभागों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी पांच जनपद पंचायतों और नौ नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने पर संबंधित अधिकारियों को सम्मानित किया।
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इस अवसर पर उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) को विधिवत प्रमाण पत्र प्रदान किए। कलेक्टर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में बालोद जिले की किसी भी ग्राम पंचायत या नगरीय क्षेत्र से बाल विवाह का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि के कारण बालोद जिले को देश का पहला बाल विवाह मुक्त, जिला घोषित किया गया है। उन्होंने जिले को मिली इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता संपूर्ण जिलेवासियों की सजगता, समाज के सहयोग और सभी विभागों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
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कलेक्टर ने कहा कि जिले के नागरिकों, सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों और बाल विवाह निरोधक दलों सहित इस अभियान में योगदान देने वाले सभी लोग बधाई के पात्र हैं।