परिवहन संघ ने हड़ताल के दौरान रोकी माइंस की गाड़ियां
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बालोद जिले के लौह नगरी दल्लीराजहरा में राजहरा परिवहन संघ अपने अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान आज चक्काजाम कर माइंस में चलने वाले ट्रकों को रोककर प्रदर्शन कर रहे हैं। माइंस से आयरन ओर का परिवहन कार्य हुआ बंद हो गया है माइंस के काम में लगे सभी वाहनों के पहिए थम गए हैं। आपको बता दें कि पांच सूत्रीय मांगों को लेकर परिवहन संघ द्वारा पिछले कुछ दिनों से प्रदर्शन किया जा रहा था। इनकी प्रमुख मांग है दल्लीराजहरा नगर स्थित बीएसपी अधिनस्थ आईओसी की खानों से निकलने वाली लौह अयस्क का 100 प्रतिशत परिवहन कार्य रेल मार्ग से किया जा रहा है जिसमे से 25 - 40 प्रतिशत परिवहन कार्य राजहरा परिवहन संघ के मालवाहको को दिए जाने साथ ही अन्य मांग सम्मिलित है।
जानिए 5 सूत्रीय मांगे
1. रेलमार्ग से 100 % परिवहन का 40 % का परिवहन का कार्य दल्लीराजहरा से भिलाई तक दल्लीराजहरा परिवहन संस्था के मालवाहकों को दिया जाए.
2. वर्तमान में हितेकसा में निर्माणाधीन पैलेट प्लांट से निर्मित होने वाले पैलेट का परिवहन कार्य दिया जाए.
3. बीएसपी प्रबंधन द्वारा निजी क्षेत्र को बेची जाने वाली अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन कार्य दिया जाए.
4. क्षेत्र की जनता के लिए समुचित रोजगार मुहैया करके पलायन रोका जाए.
5. जिला खनिज न्यास निधि से मिलने वाली राशि का अधिकतम उपयोग शहर के विकास कार्य के लिए किया जाए.
शांतिपूर्ण चल रहा था प्रदर्शन
आपको बता दें कि परिवहन संघ का यह प्रदर्शन विगत 6 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था लेकिन आज इनका आक्रोश बढ़ गया और इन्होंने बीएसपी प्रबंधन से संबंधित मन से निकलने वाली सभी गाड़ियों को रोक कर चक्का जाम कर दिया गया जिसके कारण प्रोडक्शन काम काफी प्रभावित हुआ है आपको बता दें की रेलगाड़ी तक माल लाने के लिए ट्रैकों का उपयोग किया जाता है और जो माल की जो ट्रांसपोर्टिंग हो रही है उसमें 100 प्रतिशत रेल मार्ग का उपयोग अभी प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है यहां पर इनकी मांगे हैं कि 35 से लेकर 40% तक हिस्सेदारी नहीं मिलनी चाहिए ताकि इनकी रोजी-रोटी पर कोई सवाल ना उठ पाए।
राजहरा का विकास बड़ा मुद्दा
परिवहन संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र तुली ने बताया कि संघ अपने साथ-साथ अपने शहर की समस्याओं के लिए भी आगे आया है दरअसल राजहरा जो की खनिज नगरी कहलाता था आज आधुनिकता के साथ-साथ यहां पर बेरोजगारी चरम पर है और तेजी से इस शहर से पलायन हो रहा है पहले एक लाख की आबादी वाले इस शहर की आबादी आज मैच 30000 तक रह गई है यह शहर पूरी तरह माइनिंग सेक्टर पर निर्भर था यहां से लाखों रुपए करोड़ों रुपए की रॉयल्टी के रूप में प्रशासन को मिलती है राजहरा परिवहन संघ की मांग यह है कि खनिज संस्थान न्यास से मिलने वाली राशि का उपयोग शहर के विकास के लिए करना चाहिए वहीं रोजगार के अवसर मुखिया करने संबंधित मांगों को भी रखा गया है प्रदर्शन करने वालों में सुनील जयसवाल, अनिल सुथार, संतोष देवांगन, गोविन्द वाधवानी, रवि जयसवाल, सुरजीत पन्नू, दमन दीप, संतोष कोशी के साथ राजहरा परिवहन संघ के सैकड़ों लोग धरने पर बैठे हैं।