जिला प्रशासन की मुस्तैदी से बालोद जिले के ग्राम भर्रीटोला में एक बाल विवाह को रुकवाया गया। विशेष बात यह रही कि विवाह 21 अप्रैल को राजनांदगांव में संपन्न हो चुका था, जिसे अब कानूनन शून्य (रद्द) घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन की मुस्तैदी से बालोद जिले के ग्राम भर्रीटोला में एक बाल विवाह को रुकवाया गया। विशेष बात यह रही कि विवाह 21 अप्रैल को राजनांदगांव में संपन्न हो चुका था, जिसे अब कानूनन शून्य (रद्द) घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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जब प्रशासनिक टीम ग्राम भर्रीटोला पहुँची, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आधार कार्ड के अनुसार वर योगेन्द्र धनकर की आयु 23 वर्ष थी, लेकिन स्कूल के दाखिल-खारिज पंजी की जाँच में उसकी वास्तविक आयु 20 वर्ष 10 माह पाई गई। 21 वर्ष पूर्ण होने में 2 माह शेष होने के कारण इसे बाल विवाह माना गया।
FIR और कानूनी कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय ने बताया कि राजनांदगांव प्रशासन को पत्र लिखकर विवाह शून्य घोषित करने हेतु कहा गया है। साथ ही, तथ्य छुपाकर विवाह संपन्न कराने में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालों के खिलाफ दल्लीराजहरा थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने वधु को ससम्मान उसके गृह ग्राम भेज दिया है।