बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम सनौद में ग्राम बोहारा के ग्रामीण लगभग 63 साल पुराने स्कूल को दूसरे स्कूल में मर्ज किए जाने के विरोध में आज से ग्राम बोहरके ग्रामीणों ने सनौद स्कूल के सामने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी है प्रशासन और पुलिस की टीम वहां पर पहुंची हुई है लेकिन बातचीत में अब तक किसी तरह का कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है ग्रामीण महिला पुरुष और बच्चों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं और अपनी मर्जी किये हुऐ विद्यालय को वापस करने की मांग में अड़े हुए हैं।
ग्राम सनौद के ग्राम प्रमुख ओमेश्वर साहू ने बताया कि हमारा स्कूल जन भागीदारी के सहयोग से शुरू हुआ था और इस विद्यालय से हमारे पूरे गांव की आत्मा जुड़ी हुई है इसलिए जब हमारे प्राथमिक शाला को मर्ज किया जा रहा है तो हम इसका विरोध करते हैं क्योंकि हम प्राथमिक शाला में अपने बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे गांव भेजें फिर उन्हें वापस प्राथमिक शाला माध्यमिक शाला में पढ़ने के लिए अपने गांव बुलाएं यह उचित नहीं है इसलिए हम यहां पर विरोध कर रहे हैं।
हम गरीबों के बच्चों को पढ़ने का अधिकार नहीं क्या
ग्रामीण महिला सातों बाई ने कहा कि बड़े-बड़े पैसे वालों के बच्चे तो निजी विद्यालयों में चल देते हैं हम गरीबों के बच्चे गांव में ही पढ़े और हम चाहते हैं कि जो थोड़े बहुत कमाई करते हैं उसे अपने बच्चों को गांव के स्कूल में पढ़ाया लेकिन गांव के प्राथमिक स्कूल को जो हमारा आधार है उसे ही खत्म करने का कोशिश यहां शासन और प्रशासन द्वारा किया जा रहा है जिसको वापस मांगने के लिए हम यहां पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि जब तक हमारे स्कूल को वापस नहीं किया जाएगा हम यहां से नहीं हटेंगे वहीं गांव के पटेल मिलन राम साहू ने बताया कि हम लगातार इस स्कूल को सहने में लग रहे और आज जब स्कूल पूरी तरह सज चुका है सांवर चुका है तो उसे दूसरे गांव में दूसरे स्कूल में मर्ज किया जा रहा है जिसे हम विरोध कर रहे हैं मैं बुजुर्ग हूं लेकिन अपनी स्कूल की लड़ाई के लिए आज इस बारिश में बैठा हुआ हूं!