बालोद में राज्य सरकार लगातार मालवाहक वाहनों में आवागमन करने को लेकर अभियान चला रही है बावजूद इसके दो दिन पूर्व छत्तीसगढ़ की राजधानी में भीषण सड़क हादसे में 17 लोगों की मौत हुई और यह हादसा माल वाहक वहां में लोगों को धोने की वजह से हुआ था जिसके बाद से बालोद पुलिस प्रशासन भी अब कदा रख हथियार करते हुए माल वाहनों में सवारी भरकर लाने ले जाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर रही है वहीं पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने लोगों से अपील भी की है कि इस तरह माल वाहक का उपयोग आने जाने के लिए ना करें।
आपको बता दें कि बीते तीन माह में 120 सड़क दुर्घटनाओं में 57 लोगों की जान जा चुकी है,जबकि 145 लोग घायल हुए हैं, मई माह के 10 दिनों में ही 25 सड़क हादसे हुए हैं जिनमें 11 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने युद्धस्तर पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है और बीते कुछ ही दिनों में 800 से अधिक लापरवाह चालको पर 1 लाख 65 हजार रुपये की चलानी कार्रवाई भी किए हैं।
जानिए क्या कहा SP ने
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाने की कोशिश की की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी है प्रदेश में हम मानते हैं लेकिन जो माल वाहक है उसमें सवारी लेकर आना जाना काफी रिस्क है और इस तरह के दुर्घटनाओं में जान बचाने की उम्मीद काफी कम रहती है हम उदाहरण देखें तो बड़ौदा बाजार हो या फिर राजधानी रायपुर भी कुछ ऐसे उदाहरण है जो हमें कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर करते हैं हम आप कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं जो पर मिट्टी है और जो ₹5000 जुर्माना है सही धन्य जो भी जरूरी कार्रवाई पुलिस के द्वारा की जाती है सभी की जा रही है साथ ही लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है कि थोड़े पैसे बचाने के लिए आप अपनी जान को जोखिम में ना ले केवल पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बंद गाड़ियों का ही उपयोग आवागमन के लिए करें।