फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अटलजी की भतीजी के भाजपा छोड़ने से हड़कंप

Sat, 26 Oct 2013 08:23 PM IST
जयप्रकाश पाराशर/भोपाल
विज्ञापन
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों से ऐन पहले अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञापन


भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष करुणा शुक्ला अपनी उपेक्षा से खिन्न हैं। उन्होंने 'अमर उजाला' को फोन पर बताया कि राज्य में पार्टी सत्ता की राजनीति में फंस गई है और उन्हें पार्टी के कामकाज में कहीं भी शामिल नहीं किया जा रहा है।

करुणा शुक्ला के इस्तीफे से भाजपा में हड़कंप है। भाजपा नेता उन्हें मनाने की बात कर रहे हैं।

उधर, कांग्रेस नेता अजीत जोगी ने करुणा शुक्ला को कांग्रेस में लाने के प्रयास करने की बात कही है। लेकिन करुणा शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन


करुणा शुक्ला का इस्तीफा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि छत्तीसगढ़ में कई वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह के एकछत्र प्रभाव और फैसले लेने के तरीके से नाखुश हैं।

करुणा शुक्ला ने कहा कि वनमैन शो चल रहा है। वह पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से भी खुश नहीं है। उनका कहना है कि पिछले पांच साल से वह नेताओं को समझाने का प्रयास कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय महासचिव रामलाल से समय मांगा लेकिन उन्होंने मिलने का समय तक नहीं दिया। राजनाथ सिंह से तो पांच दिन तक समय लेने का प्रयास किया, लेकिन मिलने का समय भी नहीं मिला।

उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय महासचिव रामलाल को भेज दिया है। केंद्रीय नेतृत्व ने अब तक इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है।

करुणा शुक्ला 14वीं लोकसभा में छत्तीसगढ़ के जांजगीर से सांसद चुनी गई थीं।

अभी वह पार्टी की चुनाव अभियान समिति की सदस्य जरूर हैं लेकिन उसके 150 सदस्य हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनके पास कोई और विकल्प बचा नहीं था। वह इस बात से दुखी हैं कि राष्ट्रीय नेतृत्व उन्हें पांच साल से अनदेखा कर रही है।
विज्ञापन


टिकटों के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद 32 साल से पार्टी का काम करती रही हैं और 13 साल तक सांसद व विधायक रही हैं। उन्होंने अपने किसी समर्थक के लिए टिकट की दावेदारी से भी इनकार किया।

उन्होंने कहा कि वह बेलतारा से चुनाव लड़ना चाहती थीं लेकिन पार्टी ने उन्हें कोरबा से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बाध्य किया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें