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छत्तीसगढ़: जशपुर जिले में प्रायोगिक आधार पर शुरू होगी सेब की खेती

Mon, 04 Jan 2021 12:47 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, जशपुर
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सेब की खेती - सांकेतिक तस्वीर
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काजू, मिर्च, आलू और अन्य नकदी फसलों की खेती के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल जशपुर जिले में अब प्रायोगिक आधार पर सेब की खेती की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि यह प्रायोगिक खेती यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित पंद्रापथ में 10 एकड़ सरकारी भूमि पर की जाएगी और परिणामों के आधार पर खेती का विस्तार किया जा सकता है।

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जशपुर के जिलाधिकारी महादेव कावरे ने मीडिया को बताया कि समुद्र तल से लगभग 1200 मीटर की ऊंचाई पर पहाड़ियों में बसे पंद्रापथ की कृषि-जलवायु की स्थिति सेब की कुछ किस्मों को उगाने के लिए अनुकूल है।

उन्होंने कहा, पड़ोसी जिले सरगुजा के मैनपाट में सेब की इस किस्म की खेती के अच्छे परिणामों को देखते हुए हमने इसे यहां दोहराने का फैसला किया है जहां की भू-जलवायु परिस्थितियां पंद्रापथ के ही समान हैं। 
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उन्होंने कहा कि बागवानी परियोजना के तहत जिला प्रशासन पंद्रापथ में 100 एकड़ में फैला हुआ एक हरा-भरा पार्क विकसित कर रहा है, जहां सेब के साथ नाशपाती, लीची, सब्जियां आदि उगाई जाएंगी।

उन्होंने कहा, हम जनवरी के अंत में सेब के 1600 पौधे लगाएंगे और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को भी खेती में शामिल किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 22 लाख रुपये का फंड रखा गया है। 

जिलाधिकारी महादेव कावरे ने कहा कि किसान राजधानी रायपुर से 400 किलोमीटर दूर स्थित उत्तरी छत्तीसगढ़ के जशपुर के कुछ हिस्सों में नाशपाती, लीची, मिर्च, आलू की खेती कर रहे हैं और अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं।

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